
संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के 75 साल पूरे होने के अवसर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को खूब खरीखोटी सुनाई है। उन्होंने अपने भाषण के दौरान कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण के लिए संयुक्त राष्ट्र चीन को जिम्मेदार ठहराए। उन्होंने यूएन के मंच से विश्व स्वास्थ्य संगठन पर भी जमकर हमला बोला। ट्रंप ने कहा कि इस संस्थान पर चीन का पूरा नियंत्रण है। इसलिए डब्लूएचओ ने झूठ कहा कि कोरोना वायरस के मानव निर्मित होने के सबूत नहीं हैं।
कोरोना वायरस को फिर कहा चीनी वायरस
ट्रंप ने अपने भाषण के दौरान कोरोना वायरस को चीनी वायरस कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्वयुद्ध के अंत और संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के 75 साल बाद हम एक बार फिर महान वैश्विक संघर्ष कर रहे हैं। हमने अदृश्य दुश्मन चीनी वायरस के खिलाफ भयंकर युद्ध छेड़ दिया है। इस वायरस ने दुनिया के 188 देशों में अनगिनत लोगों को मारा है।
कोरोना के खिलाफ हमने की आक्रामक शुरुआत
उन्होंने कहा कि हमने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से कोरोना वायरस के खिलाफ सबसे आक्रामक शुरुआत की। हमने तेजी से वेंटिलेटर की रिकॉर्ड आपूर्ति की। इसकी अधिकता होने पर वेंटिलेटर्स को हमने अपने मित्र देशों को भी दिया।
चीन को बताया कोरोना के लिए जिम्मेदार
ट्रंप ने कोरोना वायरस को लेकर सीधे तौर पर चीन पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि हमें निश्चित तौर पर उस राष्ट्र को जिम्मेदार ठहराना चाहिए जिसने इस वायरस को पूरी दुनिया में फैलाया है। वायरस के शुरुआती दिनों में चीन ने अपने देश में घरेलू उड़ानों को बंद कर दिया जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को जारी रखा। इससे पूरी दुनिया में संक्रमण फैल गया।
डब्लूएचओ पर जमकर बरसे ट्रंप
ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डब्लूएचओ चीन द्वारा नियंत्रित है। उसने झूठे तौर पर घोषित किया कि इस वायरस के मानव संचरण के कोई सबूत नहीं है। बाद में एक और झूठ बोला कि बिना लक्षणों के लोग बीमारी नहीं फैलाएंगे। संयुक्त राष्ट्र को अपने कार्यों के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराना चाहिए।
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