
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इन दिनों एशियाई देशों के दौरे पर हैं। इस दौरान मैक्रों ने ऐलान किया है कि फ्रांस इंडो-पैसिफिक में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाने को तैयार है। इसके लिए फ्रांस अपने 200 अतिरिक्त सैनिकों को इंडो-पैसिफिक में तैनात करेगा। मैक्रों ने यह ऐलान प्रशांत महासागरीय देश वानुअतु की यात्रा के दौरान किया। वानुअतु के नजदीक ही सोलोमन द्वीप समूह है, जिसके साथ चीन के मजबूर सैन्य संबंध हैं। हाल में ही चीन ने सोलोमन द्वीप समूह के साथ पुलिस समझौता किया है। इसके जरिए चीनी पुलिस सोलोमन द्वीप समूह में स्थायी चौकी खोलने के साथ अपने कर्मियों को भी तैनात कर सकती है। चीन की इस कोशिश को पश्चिम के खिलाफ एक चाल के तौर पर देखा जा रहा है।
न्यू कैलेडोनिया में सैनिकों की मौजूदगी बढ़ाएगा फ्रांस – मैक्रों ने वानुअतु की अपनी यात्रा के दौरान कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में हमारी रणनीति राजनयिक और सैन्य जुड़ाव पर आधारित है। अतिरिक्त 200 सैन्य कर्मियों को भेजा जाएगा और हमारी सेना के लिए 150 मिलियन यूरो (163 मिलियन डॉलर) आवंटित किए जाएंगे। वानुअतु की यात्रा से पहले, मैक्रों ने सोमवार को तीन दिनों के लिए फ्रांसीसी विदेशी क्षेत्र न्यू कैलेडोनिया का दौरा किया। उनके दौरे में पापुआ न्यू गिनी का दौरा भी शामिल होगा। मैक्रों ने कहा कि अपने मिलिट्री प्रोग्रामिंग बिल के तहत, फ्रांस ने न्यू कैलेडोनिया में सैन्य उपकरण और सैन्य शक्ति में निवेश करने की योजना बनाई है और अगले पांच वर्षों में क्षेत्र के विकास के लिए 200 मिलियन यूरो आवंटित किए जाएंगे।
सैन्य बजट बढ़ाने पर भी काम कर रहा फ्रांस – मिलिट्री प्रोग्रामिंग बिल फ्रांस के खर्च करने के वादे को नाटो के सकल घरेलू उत्पाद के 2% के लक्ष्य के अनुरूप लाने का प्रयास करता है। यह फ्रांस के सैन्य खर्च को 2019-2025 में आवंटित 295 बिलियन से बढ़ाकर 2024-2030 में 413 बिलियन यूरो कर देगा। फ्रांस का वार्षिक रक्षा बजट 2023 में 45 बिलियन यूरो से अधिक होने का अनुमान है, और फिर 2027 तक हर साल लगभग 3 बिलियन यूरो और 2028 से शुरू होकर सालाना 4.3 बिलियन यूरो बढ़ता जाएगा। फ्रांस का लक्ष्य परमाणु निरोध, साइबर रक्षा और अंतरिक्ष सुरक्षा सहित अपनी सैन्य क्षमताओं में सुधार करना है।
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