
मोहम्मद यूनुस के शासनकाल में बांग्लादेश में इस्लामी कट्टरपंथ तेजी से बढ़ रहा है। कट्टरपंथी इस्लाम के वहाबी विचारधारा को तेजी से फैला रहे हैं। इनका आतंक इतना ज्यादा है कि यूनुस सरकार असहाय महसूस कर रही है। इस कारण बांग्लादेश में नाट्यशालाओं को बंद किया गया है और सरकारी स्कूलों में संगीत शिक्षकों की नियुक्ति भी रद्द की गई है।
जुलाई 2024 में हुए प्रदर्शनों के बाद बांग्लादेश तेजी से इस्लामी कट्टरपंथ की ओर बढ़ रहा है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश में महिलाओं की भूमिकाओं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कट्टरपंथी संगठनों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। मोहम्मद यूनुस की सरकार पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में बांग्लादेश में कट्टरपंथियों को बढ़ावा दिया है। इस कारण बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर जुल्म भी बढ़े हैं, लेकिन सरकार उस पर खामोश है। हालात इतने खराब हैं कि अल्पसंख्यक बांग्लादेश में बेहद असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
महिलाओं पर आने वाली है आफत – रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली महिलाओं को अब जमात-ए-इस्लामी जैसे कट्टरपंथी संगठनों का विरोध झेलना पड़ रहा है। जमात-ए-इस्लामी के नेताओं ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि महिलाओं को घर और परिवार पर अधिक ध्यान देना चाहिए और उन्हें कार्यस्थलों पर सीमित किया जाना चाहिए। इसके अलावा, महिला खिलाड़ियों के साथ हमले और उत्पीड़न की घटनाएं आम होती जा रही हैं।
Home / Uncategorized / भारत के पड़ोस में दूसरा तालिबान, बांग्लादेश में तेजी से बढ़ रहा कट्टरपंथ, महिलाओं पर आफत की आहट
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