
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को बीते गुरुवार को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसको लेकर देश ही नहीं विदेश से भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। आज अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि केजरीवाल की गिरफ्तारी पर हमारी करीबी नजर है। उन्होंने कहा कि हम ‘निष्पक्ष और पारदर्शी कानूनी प्रक्रिया’ की उम्मीद करते हैं। इससे पहले जर्मनी ने भी अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर कहा कि निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मेरिका हो या जर्मनी ये देश हमें निष्पक्ष जांच का पाठ पढ़ा रहे हैं लेकिन हमें कुछ सिखाने से पहले खुद के देश में फैले भ्रष्टाचार और आतंकवाद की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं करते हैं। इस साल की शुरुआत में ही ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने साल 2023 में 180 देशों के करप्शन की रिपोर्ट जारी की थी। जिसके अनुसार अमेरिका 24वें रैंक पर है। वहीं साल 2022 में भी रिपोर्ट में अमेरिका की यही रैंक थी। ऐसे में साल भर में तमाम कोशिशों के बाद भी देश में भ्रष्टाचार का लेवल जरा सा भी कम नहीं हुआ है। ऐसे में उन्हें हमें भ्रष्टाचार पर सलाह देने से पहले अपने देश के करप्शन को कम करने के बारे में सोचना चाहिए।
जर्मनी को भी दिया मुंह तोड़ जवाब – अमेरिका से पहले जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने जब अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर टिप्पणी की तो भारत ने इसका विरोध जताया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम ऐसी टिप्पणियों को हमारी न्यायिक प्रक्रिया में दखल और हमारी न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमजोर करने के रूप में देखते हैं। बता दें कि अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी ही पहला मामला नहीं है जब इन देशों ने भारत पर टिप्पणी की हों। इससे पहले भी CAA और असहिष्णुता के मामले पर ये देश भारत पर टिप्पणी कर चुके हैं।
Home / News / केजरीवाल की गिरफ्तारी पर जर्मनी के बाद अमेरिका से आवाज, अपने गिरेबां में क्यों नहीं झांकते ये देश
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