
पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने इंग्लैंड दौरे के लिए घोषित भारत की वनडे टीम से युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल को बाहर रखे जाने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जायसवाल ने हाल ही में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपनी पिछली तीन वनडे पारियों में दो शानदार शतक जड़े थे। इसके बावजूद उन्हें आगामी सीरीज के लिए टीम में जगह नहीं दी गई है, जिसे मांजरेकर ने बेहद निराशाजनक और कड़ा फैसला बताया है।
शानदार फॉर्म में चल रहे यशस्वी जायसवाल – दरअसल, जायसवाल को अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई पिछली घरेलू वनडे सीरीज में शुरुआत में मौका नहीं मिला था। लेकिन विराट कोहली के चोटिल होने के बाद जब उन्हें प्लेइंग 11 में शामिल किया गया तो उन्होंने इस मौके का पूरा फायदा उठाया। चेन्नई में खेले गए सीरीज के आखिरी मैच में बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने दमदार शतकीय पारी खेली। यह उनके महज छह वनडे मैचों के करियर का दूसरा शतक था। इससे पहले उन्होंने पिछले साल दिसंबर में विशाखापत्तनम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 116 रन बनाए थे। अब विराट कोहली की वापसी होते ही यशस्वी को टीम से ड्रॉप कर दिया गया है।
संजय मांजरेकर ने उठाए सवाल – टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले से संजय मांजरेकर ने इस फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा, ‘यशस्वी ने अपने पिछले तीन वनडे मैचों में दो शतक लगाए हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 116 रन बनाने के बाद उन्होंने थोड़े अंतराल के बाद एक मैच में चार और फिर अगले में सीधा शतक जड़ा। भारतीय जैसी मजबूत वनडे टीम में ओपनिंग करते हुए जो भी मौके मिले यशस्वी ने उनका पूरा फायदा उठाया है। इसलिए उन्हें टीम से बाहर करना निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण और थोड़ा सख्त फैसला है।’
रोहित को चुनने पर भी उठाए सवाल – इसके साथ ही मांजरेकर ने रोहित शर्मा की टीम में जगह और साल 2027 के विश्व कप को लेकर सेलेक्टर्स की दूरदर्शिता पर भी सवाल दागे। उन्होंने साफ कहा कि अगर सेलेक्टर्स रोहित को चुन रहे हैं तो इसके पीछे ठोस वजह होनी चाहिए। मांजरेकर के मुताबिक, ‘यदि चयनकर्ताओं ने रोहित को टीम में रखा है तो मुझे उम्मीद है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि वे उन्हें 2027 वर्ल्ड कप की योजनाओं के हिस्से के रूप में देख रहे हैं। अगर ऐसा नहीं है तो वह जगह किसी और को मिलनी चाहिए थी।’
मांजरेकर ने भारतीय क्रिकेट में बड़े नामों के इर्द-गिर्द घूमने वाले स्टार कल्चर पर भी तीखा प्रहार किया और सेलेक्टर्स को नसीहत दी कि वे खिलाड़ियों के रुतबे से ऊपर उठकर टीम के भविष्य को प्राथमिकता दें। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, ‘हम सब जानते हैं कि बड़े नाम वाले खिलाड़ियों को लेकर कैसा माहौल रहता है। यहां फैसले अक्सर सिर्फ क्रिकेटिंग मेरिट के आधार पर नहीं होते और रोहित के मामले में भी ऐसा ही लग रहा है। अगर चयनकर्ताओं को लगता है कि रोहित लंबी अवधि की योजना का हिस्सा हैं तो उन्हें यह बात खुलकर कहनी चाहिए।’
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