
अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत को एमक्यू-9बी प्रीडेटर ड्रोन को बेचने की अंतिम मंजूरी दे दी है। इस सौदे पर अमेरिकी कांग्रेस पहले ही अपनी सहमति दे चुकी है। भारत 3.99 बिलियन डॉलर की अनुमानित लागत पर 31 ड्रोन को खरीद रहा है। इस पैकेज में कई तरह के सेंसर्स और मिसाइलें भी शामिल हैं। इससे पहले दावा किया गया था कि खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की कथित हत्या की साजिश को लेकर अमेरिका ने भारत को इन ड्रोन की बिक्री को रोक दिया है। गुरपतवंत सिंह पन्नू भारत का नामित आतंकवादी है, जो अलग खालिस्तान की मांग को लेकर हिंसा की धमकी देता है। वह विदेशों में सिख फॉर जस्टिस नाम से एक संगठन भी चलाता है, जो दुनियाभर में तथाकथित खालिस्तानी रेफरेंडम कराती रहती है।
अमेरिका ने नोटिफिकेशन में क्या लिखा – अमेरिकी विदेश विभाग ने जो नोटिफिकेशन जारी किया है, उसमें लिखा है, “अमेरिकी विदेश विभाग भारत को विदेशी सैन्य बिक्री के तहत 3.99 बिलियन डॉलर की अनुमानित लागत पर एमक्यू-9बी रिमोटली फिक्टेड एयरक्राफ्ट और संबंधित उपकरणों की बिक्री का निर्णय लेता है। डिफेंस सिक्योरिटी कॉर्पोरेशन एजेंसी ने आज कांग्रेस को इस संभावित बिक्री के बारे में सूचित करते हुए आवश्यक पुष्टि प्रदान की।” इसके बाद अब भारत और अमेरिका के बीच इस ड्रोन डील को लेकर समझौते पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर होंगे, जिसके कुछ महीनों बाद डिलीवरी शुरू हो जाएगी।
भारत को क्या-क्या दे रहा अमेरिका – इस रिपोर्ट आगे यह लिखा है कि भारत ने 31 एमक्यू-9बी स्काई गार्डियन एयरक्राफ्ट , 161 ग्लोबल पोजीशनिंग एंड इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम, एल3 रियो ग्रेंड कम्युनिकेशन इंटेलीजेंस सेंसर सूट, 170 एजीएम 114आर हेलफायर मिसाइल, 16 एम36ई9 हेलफायर कैप्टिव एयर ट्रेनिंग मिसाइल, 310 जीबीयू 39बी/बी लेजर स्माल डायामीटर बम, 8 जीबीयू 39बी/बी एलएसडीबी गाइडेड टेस्ट व्हीकल, इसके अलावा ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन, टीपीई-331-10 जीडी इंजन, एम299 हेलफायर मिसाइल लॉन्चर्स समेत कई दूसरे तरह के उपकरण और हथियार शामिल हैं।
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