
अब 66 दिन बाद होगी सुबह? : अब अलास्का में स्थित Utqiagvik नाम के शहर में सूरज 66 दिन बाद निकलेगा। जी हां, शहर ने इस साल अपना आखिरी सूर्यास्त 18 अक्टूबर यानी बुधवार को देखा! कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इस लम्हे की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। हालांकि, वे लोग थोड़े कंफ्यूज हैं जिन्हें ऐसा होने की वजह नहीं पता। असल में हर साल होने वाले इस बदलाव को ‘पोलर नाइट’ कहते हैं। हालांकि, ऐसा नहीं है कि 23 जनवरी 2021 तक शहर अंधेरे में डूबा रहेगा। यहां दिन में कुछ घंटे रोशनी रहेगी। लेकिन लोगों को चमकता सूरज नहीं दिखाई देगा।
इस साल का आखिरी डूबा सूरज : इंस्टाग्राम पर kirsten_alburg सूर्यास्त का एक छोटा सा क्लिप शेयर किया। वह वीडियो में कह रही हैं कि Utqiagvik में यह साल 2020 का आखिरी सूर्यास्त है। वीडियो के कैप्शन में उन्होंने बताया, इस पल को देखते हुए उनकी आंखें नम हो गईं।
क्यों होता है ऐसा? : स्कूल टाइम में आपने पढ़ा होगा कि पृथ्वी अपनी एक्सिस पर टेढ़ी खड़ी है। इसके कारण उसके दोनों पोल्स यानी नॉर्थ और साउथ पोल पर सूरज की रोशनी एक साथ नहीं पड़ती। यही कारण है कि नॉर्थ में 6 महीने अगर दिन रहता है तो साउथ पोल में उन दिनों रात होती है।
बिना सूरज बिताने होंगे दो महीने! : नॉर्थ पोल को आर्कटिक सर्कल कहते हैं। जबकि साउथ पोल को अंटार्कटिक सर्कल। अलास्का का Utqiagvik शहर आर्कटिक सर्कल में पड़ता है। उसमें भी यह छोटा शहर बाकी जगहों के मुकाबले ऊंचाई पर है। ऐसे में 18 नवंबर के बाद से इस शहर के ऊपर सूरज ना के बराबर दिखाई देगा।
इतनी देर रही रोशनी… : बता दें, नवंबर से जनवरी तक Utqiagvik में कड़ाके की ठंड पड़ती है। तापमान माइनस 23 डिग्री तक चला जाता है। साथ ही यहां विजिबलिटी भी काफी कम हो जाती है।
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