
अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार पर हुआ संघर्ष विराम बिखरता नजर आ रहा है। अमेरिका के कहने पर कनाडा ने चीन की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी हुआवे के संस्थापक रेन झेंगफेई की बेटी और कंपनी की सीएफओ मेंग वानझोऊ को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें अमेरिका प्रत्यर्पित करने का मामला चल रहा है। चीन ने इस कदम पर आपत्ति जताते हुए मेंग की तत्काल रिहाई की मांग की है। अमेरिकी अधिकारी ईरान पर लगे प्रतिबंधों के उल्लंघन के मामले में हुआवे के खिलाफ जांच कर रहे हैं।
आरोप है कि प्रतिबंध के बाद भी हुआवे ने अमेरिका में बने अपने उत्पादों को अवैध तरीके से ईरान में बेचा। माना जा रहा है कि मेंग की गिरफ्तारी इसी मामले में हुई। अमेरिकी खुफिया अधिकारी हुआवेई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए भी जांच कर रहे हैं। अमेरिकी सीनेटर बेन सेस ने कहा, ‘चीन हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहा है।
अमेरिका और उसके सहयोगी देश हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकते। कई बार चीन का दखल सीधे सरकार प्रायोजित होता है और कई बार निजी क्षेत्र की कुछ ऐसी कंपनियां इसमें शामिल रहती हैं, जिनके चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से संबंध हैं।’ कनाडा के न्यायिक मंत्रालय ने बताया कि मेंग को पहली दिसंबर को वैंकुवर में गिरफ्तार किया गया। अमेरिका उनका प्रत्यर्पण चाहता है। मेंग की गिरफ्तारी उसी दिन हुई, जिस दिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग अर्जेंटीना में मुलाकात कर रहे थे। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने ट्रेड वार को लेकर संघर्ष विराम पर सहमति जताई है।
कनाडा में चीनी दूतावास ने मेंग को रिहा करने की मांग की है। दूतावास ने अपने बयान में कहा, ‘चीन ने अमेरिका और कनाडा के समक्ष सख्त आपत्ति जताई है। उनसे तत्काल मेंग को रिहा करने के लिए कहा गया है।’ वहीं कंपनी का कहना है कि उसने किसी भी प्रतिबंध और प्रावधान का उल्लंघन नहीं किया है।
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