Tuesday , March 17 2026 9:53 PM
Home / Uncategorized / आंख नहीं दिखा पाएंगे चीन-पाकिस्तान, श्योक टनल से भारतीय सेना हुई खतरनाक, आंधी-पानी-बर्फ से भी नहीं रुकेंगे कदम

आंख नहीं दिखा पाएंगे चीन-पाकिस्तान, श्योक टनल से भारतीय सेना हुई खतरनाक, आंधी-पानी-बर्फ से भी नहीं रुकेंगे कदम


श्योक टनल पूर्वी लद्दाख में भारतीय सेना की सामरिक क्षमता को कई स्तरों पर मजबूत बना रही है। दरबुक–श्योक–दौलत बेग ओल्डी यानी DS-DBO रोड भारत की उत्तरी सीमा के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंचने का मुख्य रास्ता है।
मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को लद्दाख में दारबुक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी रोड पर निर्मित 900 मीटर लंबी श्योक टनल का उद्घाटन किया। साथ ही साथ उन्होंने लद्दाख से सीमा सड़क संगठन की 125 रणनीतिक महत्व की इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को राष्ट्र को समर्पित किया है।
इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया, और आतंकियों का क्या हश्र किया, यह दुनिया जानती है। वैसे करने को तो हम बहुत कुछ कर सकते थे, लेकिन हमारी सेनाओं ने पराक्रम के साथ-साथ धैर्य का भी परिचय देते हुए नपा-तुला जवाब दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि इतना बड़ा ऑपरेशन इसलिए संभव हो पाया, क्योंकि हमारी कनेक्टिविटी मजबूत थी। हमारे सशस्त्र बलों के पास सही समय पर लॉजिस्टिक पहुंचाया जा सका। बॉर्डर एरिया के साथ हमारी कनेक्टिविटी बनी रही, जिसने ऑपरेशन सिंदूर को ऐतिहासिक सफलता दी।
श्योक टनल से मजबूत हुई सेना – असल में, श्योक टनल पूर्वी लद्दाख में भारतीय सेना की सामरिक क्षमता को कई स्तरों पर मजबूत बना रही है। दरबुक–श्योक–दौलत बेग ओल्डी यानी DS-DBO रोड भारत की उत्तरी सीमा के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंचने का मुख्य मार्ग है, लेकिन यह रास्ता श्योक नदी के किनारे होने के कारण बरसात, बर्फबारी और भूस्खलन से कई बार बंद हो जाता है। टनल बनने के बाद यह पूरा मार्ग हर मौसम में खुला रह सकेगा, जिससे सेना को अग्रिम चौकियों तक लगातार और निर्बाध सप्लाई मिलती रहेगी।
भारतीय सेना की आवाजाही तेज होगी – पूर्वी लद्दाख के जिन इलाकों में चीन लगातार बुनियादी ढांचा बढ़ा रहा है, वहां तक भारतीय सेना की आवाजाही तेज होगी। खासकर देपसांग, दौलत बेग ओल्डी, काराकोरम पास और गलवान जैसे संवेदनशील सेक्टरों तक सैनिकों और सैन्य उपकरणों की त्वरित तैनाती संभव होगी। मौजूदा सड़क पर श्योक नदी की धार तेज़ होने या लैंडस्लाइड होने पर जो जोखिम रहता है, टनल उसकी सबसे कमजोर कड़ी को सुरक्षित कर देगी। इसके परिणामस्वरूप भारतीय सेना किसी भी आपात परिस्थिति में बहुत कम समय में प्रतिक्रिया दे सकेगी।