
चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा की प्रगति को लेकर बीजिंग खुश नहीं है। शी जिनपिंग की यह महत्वकांक्षी परियोजना पाकिस्तान में भ्रष्टाचार, लालफीताशाही और लापरवाही की भेंट चढ़ती जा रही है। रही-सही कसर बलूचिस्तान के विद्रोही गुटों ने पूरी कर दी है। ऐसे में चीन ने
सीपीईसी की प्रगति को लेकर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को जमकर खरी-खोटी सुनाई है। इसके बाद सफाई देते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि उनकी सरकार चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर ध्यान दे रही है। सरकारी रेडियो पाकिस्तान की खबर के अनुसार, चीन सड़क एवं पुल कॉरपोरेशन के उपाध्यक्ष ये छेंगयिन की अध्यक्षता में इस्लामाबाद आए प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री शरीफ ने उक्त टिप्पणी की।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पूरी हो चुकी और चल रही परियोजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि काराकोरम राजमार्ग के हवेलियां-थाकोट वाले हिस्से का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है जबकि दूसरे चरण में थाकोट से रायकोट तक वाले हिस्से का निर्माण चल रहा है। बैठक में अन्य परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी साझा की गई जिसमें… कराची तटवर्ती विकास, राशकाई विशेष आर्थिक जोन, कराची-हैदराबाद मोटरवे (एम-9), बाबुसार सुरंग और कराची बंदरगाह ट्रस्ट से पिपरी तक रेलवे कॉरिडोर का निर्माण शामिल है।
शहबाज ने पाकिस्तानी अधिकारियों को दिया यह आदेश : प्रधानमंत्री शरीफ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीपीईसी से जुड़ी परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है और जनता से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को तत्काल पूरा किया जाएगा।
क्या है सीपीईसी : चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) चीन के ‘बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव’ (बीआरआई) योजना के तहत आने वाला महत्वाकांक्षी परियोजना है। अरबों डॉलर की लागत वाली इस परियोजना का उद्घाटन 2013 में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सत्ता में आने पर किया था। बीआरआई का लक्ष्य दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप को सड़क तथा समुद्री मार्ग से जोड़ना है।
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