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हिंदुओं कनाडा छोड़ दो… भारतीय मिशनों को भी खालिस्तानियों की धमकी, PM ट्रूडो अब मौन हैं


कनाडा धीरे-धीरे ‘दूसरा पाकिस्तान’ बनता जा रहा है। एक खालिस्तानी आतंकी की हत्या पर जिस तरह वहां की सरकार ने भारत पर आरोप मढ़ा और संबंधों को खराब करने की कोशिश की, उससे साफ हो गया है कि वहां खालिस्तानी किस कदर हावी हैं। अब वे भारतीयों के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं। जी हां, प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कनाडा में रहने वाले हिंदुओं को धमकाया है। पन्नू ने कहा है कि हिंदू देश छोड़ दें। दरअसल, खालिस्तान समर्थक कुछ सिख कनाडा के प्रति निष्ठा दिखाते हुए दावा कर रहे हैं कि वहां के हिंदू देश (कनाडा) के प्रति वफादार नहीं हैं और ऐसे में उन्हें भारत चले जाना चाहिए।
भारतीय मिशनों पर भी हमले की धमकी – भारत के खिलाफ आक्रामक और भड़काऊ बयान देने वाले पन्नू ने ओटावा, टोरंटो और वैंकुअर में भारतीय मिशनों को धमकी भरी चेतावनी दी है। उसने कहा है कि भारतीय मिशनों पर सोमवार को हमला हो सकता है। उसके खिलाफ दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 12 से ज्यादा मामले चल रहे हैं। खालिस्तान टाइगर फोर्स के चीफ और वांछित आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भी पन्नू ने भारत के खिलाफ जहर उगला था। यह सब घटनाक्रम देखने के बाद भी पीएम जस्टिन ट्रूडो मौन व्रत रखे हुए हैं।
भारत की एडवाइजरी – कनाडा में भारत विरोधी गतिविधियां बढ़ने और राजनीतिक रूप से समर्थित घृणा अपराधों, हिंसा की आशंका को देखते हुए भारत ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। भारत सरकार ने कहा है कि वहां की यात्रा पर विचार कर रहे नागरिक बेहद सावधानी बरतें।
निज्जर की हत्या से भड़का है पन्नू – पन्नू निज्जर को अपना भाई बताता रहा है। जून में उसकी हत्या के बाद से वह भड़का हुआ है। SFJ के लिए कानूनी वकील होने का दावा करने वाले पन्नू ने हाल में जी20 शिखर सम्मेलन से ठीक पहले मेट्रो स्टेशनों को विकृत करने के लिए दो खालिस्तान समर्थकों को दिल्ली भेजा था। दिल्ली पुलिस ने इन लोगों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया था।
अब पन्नू ने मंगलवार को एक वीडियो जारी किया है जिसमें वह भारतीय-कनाडाई हिंदुओं को धमकाता सुना जा सकता है। उसने यह भी घोषणा की कि कनाडा में 29 अक्टूबर को खालिस्तान के समर्थन पर एक नया जनमत संग्रह कराने का फैसला हुआ है। उसने कहा है कि 25 सितंबर को ओटावा, टोरंटो और वैंकुअर में भारतीय वाणिज्य दूतावासों के बाहर विरोध प्रदर्शन होगा।