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भारत ने इजरायल की मदद कर अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ा’, फिलिस्तीन पर UN की विशेष दूत फ्रांसेस्का का आरोप


मानवाधिकार कार्यकर्ता और फिलिस्तीन में यूएन की विशेष रैपोर्टेयर फ्रांसिस्का अल्बानीज ने गाजा की स्थिति पर बात की है। उन्होंने कहा है कि इजरायल की ओर से गाजा में जो किया जा रहा है, उसे किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता है। फ्रांसिस्का ने इजरायल के फिलिस्तीन में किए जा रहे हमलों पर दुनिया के ठंडे रवैये को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खासतौर से भारत के इजरायल से संबंधों पर फ्रांसिस्का ने एतराज जाहिर किया है। द हिंदू के साथ बातचीत में फ्रांसिस्का ने इजरायल-फिलीस्तीन से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए हैं।
इटली की रहने वालीं अल्बानीज ने इस साल, 23 मार्च को यूएन मानवाधिकार परिषद के 61वें सत्र में अपनी रिपोर्ट ‘यातना और नरसंहार’ पेश की है। इस रिपोर्ट में उन्होंने खासतौर से अक्टूबर 2023 के बाद से इजरायल की ओर से फिलिस्तीनियों की गिरफ्तारी और हिरासत में लिए गए लोगों के साथ यातना के बारे मे ंबताया है। उनकी रिपोर्ट में 18,500 गिरफ्तारियों का जिक्र है, जिनमें 1,500 बच्चे हैं।
इजरायल बहुत साफ-साफ दिख रहा है कि वह फिलिस्तीनियों और खासतौर से गाजा में क्रूरता कर रहा है। इजरायल का नया यह कानून दिखाता है कि इजरायल किस तरह से हर दिन अपनी हदें पार कर रहा है। इस सब पर दुनिया को बोलना चाहिए। हम इजरायल की ओर से की जा रही ज्यादती पर चुप नहीं रह सकते हैं। फ्रांसिस्का अल्बानीज
इजरायल बहुत गलत कर रहा है: फ्रांसिस्का – फ्रांसिस्का अल्बानीज ने द हिंदू के साथ इंटरव्यू में कहा कि इजरायल की आर्मी और सरकार की ओर से गाजा में जो किया जा रहा है, वह क्रूरता है और इसे किसी भी कीमत पर जायज नहीं कहा जा सकता है। फिलिस्तीनियों पर बम गिराना, उनको गिरफ्तार करना, उनको घरों से उठाकर गायब कर देना और औरतों-बच्चों का शोषण इजरायली कर रहे हैं।
इजरायल ने हाल ही में एक नया कानून बनाया है। इसमें खासतौर फिलिस्तीनियों की गिरफ्तारी और उनको सख्त सजा की बात की गई है। यह कानून दिखाता है कि इजरायल किस तरह से हर दिन अपनी हदें पार कर रहा है। इस सब पर दुनिया को बोलना चाहिए लेकिन दुनिया ने एक कायर चुप्पी अपना रखी है।
भारत का रुख ठीक नहीं: अल्बनीज – अल्बनीज ने आगे कहा, ‘हमने इटली में लगातार सवाल उठाए हैं और अपनी सरकार को फिलिस्तीन मुद्दे पर बोलने के लिए मजबूर किया है। मैं चाहूंगी कि भारत के लोग भी इस मुद्दे पर मुखरता से बात करें और अपनी सरकार से सवाल पूछें। हम इजरायल की ओर से किए जा रहे जुल्म ज्यादती पर चुप नहीं रह सकते हैं।’
भारत और इजरायल से संबंधों और खासतौर से गाजा युद्ध के समय दिल्ली से तेल अवीव को मदद पर अल्बनीज ने दुख जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि ये सब जानना-पढ़ना अच्छा नहीं है। ये सब तब हुआ, जब इंटरनेशनल कोर्ट ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को अपराधी मानते हुए उनके खिलाफ वारंट जारी कर रखा है।
‘भारत को कानून के खिलाफ नहीं जाना चाहिए’ – फ्रांसिस्का अल्बानीज ने आरोप लगाया, ‘युद्ध अपराधी इजरायल और नेतन्याहू की मदद करके भारत अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कर रहा है। भारत को जवाबदेही का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि भारत में इस मुद्दे पर कई अलग-अलग रुख देखने को मिले हैं। भारत की सिविल सोसायटी और कई दूसरे लोगों ने लगातार फिलिस्तीन और गाजा के लिए आवाज भी उठाई है।’
पीएम नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे पर फ्रांसिस्का अल्बानीज ने कहा कि भारत के पीएम इजरायल गए और उनके वहां की संसद में संबोधन की काफी ज्यादा चर्चा हुई। इस पर कुछ कहना बहुत अजीब है। इजरायल से भारत के पुराने संबंधों की बात भी गलत है। इजरायल तो 70 साल पहले था ही नहीं। भारत और दुनिया को को समझना होगा कि इजरायल पूरे वर्ल्ड ऑड्रर को खत्म कर रहा है।