
पाकिस्तान में दूसरे दौर की बातचीत में आ रही रुकावट के लिए ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार कहा है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा है कि अमेरिकी नेवी की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वॉशिंगटन की दबाव के जरिए तेहरान को झुकाने की कोशिश कामयाब नहीं हो सकेगी। गालिबाफ का ये बयान ऐसे समय आया है, जब इस्लामाबाद में बातचीत के लिए सहमति नहीं बन पा रही है।
संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अगर ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहती है तो दोनों देशों के बीच युद्धविराम समझौता संभव नहीं है। ईरान के मुख्य वार्ताकारों में से एक गालिबाफ ने संकेत दिया कि तेहरान इस नाकेबंदी के जारी रहते हुए बातचीत की मेज पर नहीं आएगा। ऐसे में अमेरिका को अपने इस रुख से वापस हटना होगा।
धमकी से नहीं झुकेगा ईरान: गालिबाफ – गालिबाफ ने बुधवार शाम को एक्स पर लिखा, ‘पूरी तरह से युद्धविराम का तभी कोई मतलब है, जब समुद्री नाकेबंदी और दुनिया की अर्थव्यवस्था को बंधक बनाने जैसी हरकत ना की जाएं और सभी मोर्चों पर इजरायली युद्धोन्माद को रोका जाए। युद्धविराम के इस खुले उल्लंघन के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का फिर से खोलना असंभव है।’
मोहम्मद गालिबाफ ने आगे कहा कि अमेरिका और इजरायल ने अपने हमलों के जरिए ईरान को झुकाने की कोशिश की है। हालांकि वह सैन्य आक्रामकता के जरिए ईरान में अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए हैं। आगे भी वह धमकी देकर ऐसा कर पाएंगे। ऐसे में अमेरिका को धमकीभरी भाषा से बाज आना चाहिए।
Home / Uncategorized / ‘अमेरिकी नाकेबंदी रहते हुए समझौता संभव नहीं’, ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को बताया वार्ता में रुकावट का जिम्मेदार, तनाव
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