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मक्का पैक्ट में ईरान के शामिल होने पर पाकिस्तान आर्मी का बड़ा बयान, कहा- किसी के लिए भी दरवाजे बंद नहीं


पाकिस्तान ने मक्का पैक्ट में नए देशों के आने का संकेत दिया है। पाकिस्तान आर्मी ने कहा है कि सऊदी अरब और तुर्की के साथ उसका ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौता’ नए देशों के लिए पूरी तरह खुला है। सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने मक्का पैक्ट के विस्तार पर कहा कि अन्य देशों के इसमें शामिल होने पर कोई पाबंदी नहीं है। अगर कोई इसकी शर्तों को ठीक समझता है तो इसका हिस्सा बन सकता है। पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब ने अगस्त में मक्का समझौते पर दस्तखत किए थे। यह समझौता सैन्य हमलों के वक्त सदस्य देशों के एक-दूसरे की मदद की बात कहता है।
शुक्रवार को रॉयटर्स के साथ एक इंटरव्यू में चौधरी ने मक्का समझौते के विस्तार पर बात की है। उनसे सवाल किया गया था कि क्या ईरान भी इस समझौते का हिस्सा बन सकता है। इस पर चौधरी ने कहा कि समझौते की शर्तें अन्य देशों को इसमें शामिल होने से नहीं रोकतीं, बशर्ते उनके उद्देश्य भी सामूहिक प्रतिरोध और ‘क्षेत्रीय शांति वाले हों।
अगर आप मक्का समझौते को ध्यान से पढ़ें तो इसमें किसी के शामिल होने या न होने पर कोई रोक नहीं है। जो कोई भी सामूहिक प्रतिरोध और क्षेत्रीय शांति के साझा दृष्टिकोण को मानता है तो क्यों नहीं? सभी का स्वागत है। अहमद शरीफ चौधरी
ईरान भी बन सकता है हिस्सा – शरीफ चौधरी ने ये भी साफ किया है कि उनका समूह नए देशों के लिए रास्ते बंद नहीं करता है लेकिन समझौते के विस्तार को लेकर कोई भी फैसला इसके तीन संस्थापक सदस्यों के राजनीतिक नेतृत्व की ओर से ही लिया जाएगा। इसमें कोई एक देश इसके विस्तार पर फैसला नहीं लेगा, ये फैसला पूरी तरह से सामूहिक होगा।
इस साल 7 अगस्त को पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए इस समझौते में कहा गया है कि अगर हस्ताक्षर करने वाले किसी भी देश पर हमला होता है, तो उसे सभी पर हमला माना जाएगा। यह प्रावधान नाटो गुट जैसा है, जिसमें एक देश पर हमले को सभी देशों पर हमला मानकर पूरा समूह उसकी रक्षा में आ जाता है।
सऊदी की रक्षा को हम प्रतिबद्ध – समझौते के विस्तार और ईरान के इसमें शामिल होने से जुड़े सवाल पर चौधरी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने एक महीने दूसरी बार तेहरान का दौरा किया है। पाकिस्तान की सेना ने ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता करने के अपने प्रयासों को आशावादी बताया है।