
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष खालिद महमूद ने संदेह जताया है कि भारत पाकिस्तान में होने वाले आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में शायद ही हिस्सा लेगा। उन्होंने कहा कि अगर भारत नहीं आता है तो इससे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और आईसीसी दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। पीसीबी के पूर्व चीफ ने कहा कि, ‘बहुत कम संभावना है कि टीम इंडिया पाकिस्तान में खेलने के लिए राजी होगी।’
उन्होंने कहा कि भारत के न आने से दूसरे क्रिकेट देश भी ऐसा ही कर सकते हैं, जिससे टूर्नामेंट का आयोजन और उससे होने वाला मुनाफा मुश्किल में पड़ जाएगा। महमूद ने कहा, ‘भारत सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड है और इसका बहुत प्रभाव है। अगर वे अपनी टीम पाकिस्तान नहीं भेजते हैं तो मुझे लगता है कि श्रीलंका, अफगानिस्तान और बांग्लादेश जैसे देश भी ऐसा ही करेंगे।’
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को हो सकता है भारी नुकसान – महमूद ने कहा, ‘चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी पाकिस्तान के लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। अगर बिना भारत के पाकिस्तान इस टूर्नामेंट का आयोजन करती है तो उस पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ेगा।’ ऐसे में महमूद ने पीसीबी को सलाह दी कि वह खेल को राजनीति से अलग रखने की अपनी स्थिति पर कायम रहे ताकि और अधिक समस्याएं न हों।
क्यों हार्दिक पंड्या की जगह कप्तान बनाए गए सूर्यकुमार यादव – पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को महमूद ने सलाह देते हुए कहा, अभी जो स्थिति है इस पर हम केवल लॉबी कर सकते हैं और अन्य बोर्डों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर सकते हैं। भारत का आईसीसी में बहुत अधिक प्रभाव है। ऐसे में पाकिस्तान के लिए बदले की कार्रवाई करना अच्छा नहीं होगा।’
पाकिस्तान से बाहर खेलने पर विचार करेगी टीम इंडिया – उन्होंने कहा, ‘बात यह है कि जब बीसीसीआई कहता है कि वह अपनी टीम नहीं भेज सकती और अपने मैच पाकिस्तान के बाहर खेलेगी, तो यह पाकिस्तान के लिए एक आईसीसी आयोजन की मेजबानी करने के उद्देश्य को कम कर देता है। चैंपियंस ट्रॉफी अगले साल 19 फरवरी से 9 मार्च तक होने वाली है।
Home / Sports / पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को 440 वोल्ट का झटका लगना तय, चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी खतरे में
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website