
इजरायल और हमास के बीच चल रही जंग में पाकिस्तान का डबल स्टैंडर्ड सामने आ रहा है। पाकिस्तान की ओर से एक तरफ सार्वजनिक मंचों से गाजा के लोगों के लिए हमदर्दी जताई जा रही है। दूसरी तरफ वह फिलीस्तीन के लोगों तक पहुंचने वाली मदद में अड़ंगा लगा रहा है। पाकिस्तान के आम लोग काफी बढ़-चढ़कर गाजा के लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं लेकिन वहां की सरकार नहीं चाहती कि उनके देश से मदद वहां पहुंचे। पाकिस्तान की सरकार ने बैंकों से फिलीस्तीन के लिए आने वाली किसी भी डोनेशन को स्वीकार करने से मना कर दिया है।
पाकिस्तान के जर्नलिस्ट और सोशल इंफ्लूएंशर वकास ने एक्स पर अल्फलाह बैंक का एक सर्कुलर शेयर किया है। इसे शेयर करते हुए उन्होंने लिखा है कि पाकिस्तानी सरकार ने अब सभी बैंकों से फिलिस्तीन के लिए दान स्वीकार करना बंद करने को कह दिया है। अब आप पाकिस्तान के किसी बैंक में फिलीस्तीन को लोगों के लिए पैसा नहीं दे सकते हैं। वकास ने इसी मुद्दे पर दो और वाकये गिनाए हैं। उन्होंने लिखा है कि इससे पहले पाकिस्तानी सरकार ने उन लोगों पर कार्रवाई की थी, जो फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे। हाल ही में पीसीबी ने एक क्रिकेटर को डांटते हुए उससे ट्वीट डिलीट करा दिया था। इस ट्वीट में क्रिकेटर ने गाजा की जीत के लिए दुआ की थी।
फूंक-फूंककर कदम उठा रहा पाकिस्तान – दक्षिण इजरायल में 7 अक्टूबर को करीब 3,000 हमास आतंकी घुस गए थे और 1,400 लोगों को मार दिया था। साथ ही 200 से अधिक लोगों का अपहरण करके बंधक बना लिया था। इस हमले के बाद इजराइल की सेना लगातार गाजा में सैन्य कार्रवाई कर रही है। इस सैन्य कार्रवाई में गाजा में करीब 10,000 लोग मारे जा चुके हैं। इसमें बड़ी संख्या में बच्चे हैं। हजारों की तादाद में लोग जख्मी और बेघर हुए हैं।
आम लोगों की मौतों और बेघर होने से इजरायल को दुनिया के बहुत से देशों से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान के नेताओं ने भी कई बार इजरायल से तुरंत जंग रोकने के लिए कहा है। हालांकि सार्वजनिक तौर पर कुछ बयान देने के अलावा पाकिस्तान इस मामले से बचता लग रहा है। जिस तरह से वह अपने नागरिकों को इस मुद्दे से दूर रखने की कोशिश करता दिख रहा है, उसने उसके इस मुद्दे पर स्टैंड को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Home / News / फिलस्तीनियों का हमदर्द बन पीठ में छुरा घोंप रहा पाकिस्तान! डोनेशन लेने पर लगाई रोक, प्रदर्शन तक बैन
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website