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SCO सदस्यता से दक्षेस में एक साथ आ सकते हैं भारत और पाकिस्तान


बीजिंग : एससीआे में भारत और पाकिस्तान की सदस्यता उन्हें मतभेदों को मिटाने और एक दूसरे के नजदीक लाने में मदद कर सकती है और इससे नई दिल्ली इस्लामाबाद में दक्षेस शिखर सम्मेलन में शिरकत कर सकेगा। यह बात पाकिस्तान के एक वरिष्ठ राजनयिक ने कही।

चीन में पाकिस्तान की उप राजदूत मुमताज जाहरा बलोच ने कहा, एससीआे पाकिस्तान और भारत के लिए महत्वपूर्ण संगठन है। यह संगठन विवादों के समाधान के लिए नहीं है बल्कि क्षेत्र और साझा चुनौतियों के लिए काम करने और साझा विकास के लिए है। साथ ही शंघाई सहयोग संगठन (एससीआे) भारत और पाकिस्तान को नजदीक लाकर मतभेदों को सुलझाने में मदद कर सकता है।

एससीआे के संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने भारतीय संवाददाताओं से कहा, निश्चित तौर पर जब आप एकसाथ काम करते हैं और एक ही संगठन में काम करते हैं, आपके पास कई मुद्दों का समाधान करने और नजदीक आने का अवसर रहता है। अस्ताना में हाल में संपन्न शिखर सम्मेलन में भारत और पाकिस्तान के प्रवेश की तरफ ध्यान आकर्षित करने के लिए इस संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया था।

बलोच के साथ चीन में भारत के राजदूत विजय गोखले ने अन्य राजनयिकों के साथ यहां के एससीआे मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में शिरकत की। बलोच ने उम्मीद जताई कि एससीआे में भारत और पाकिस्तान के प्रवेश करने से 19वें दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के आयोजन का मार्ग भी प्रशस्त होगा जो पिछले वर्ष जम्मू-कश्मीर में उरी आतंकवादी हमले के बाद भारत और अन्य सदस्यों के हिस्सा नहीं लेने के निर्णय के कारण इस्लामाबाद में आयोजित नहीं हो सका। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि हमारे क्षेत्रीय संगठन दक्षेस में मतभेदों से उबरने का रास्ता साफ होगा।