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पेरिस जलवायु समझौते को लेकर यूएन के पूर्व चीफ की ट्रंप को यह सलाह


मैड्रिड। संयुक्त राष्ट्र के पूर्व चीफ बान की मून ने पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका को अलग करने को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कहा है कि समझौते से पीछे ना हटें। बान की मून ने ट्रंप को सलाह दी है कि पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिको को अलग करने के फैसले पर फिर से गौर करना चाहिए। साथ ही बान की मून ने कहा है कि अमेरिका को इतिहास के सही पक्ष में खडा होना चाहिए। दरअसल एक साक्षात्कार के दौरान यूएन के पूर्व चीफ बान की मून ने कहा कि अमेरिका का पेरिस जलवायु समझौते से अलग होने का बडा राजनीतिक प्रभाव पडेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने जो फैसला लिया है, वह भ्रमित है और इससे शॉर्ट टर्म विजन को दिखाया है। बान की मून ने आशंका व्यक्त की अमेरिका के पेरिस जलवायु समझौते से अलग होने से लीडरशीप के शून्य को कोई अन्य नहीं भर पाएगा।

बान की मून चाहते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपने फैसले पर फिर से गौर करें और पेरिस जलवायु समझौते से जुडे रहें। बान की मून ने लोगों से भी इस संदर्भ में आवाज उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पेरिस जलवायु समझौते के प्रति अमेरिका के गवर्नर्स, मेयर्स, बिजनस लीडर्स और सिविल सोसायटी की प्रतिबद्धता बहुत उत्साहवर्धक है। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि राष्ट्रपति ट्रंप इतिहास के सही पक्ष के साथ खडे होंगे। \ज्ञातव्य है कि पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेरिस जलवायु समझौते से अमेरिका को अलग करने का फैसला लिया है। अमेरिका के इस फैसले से कई देश अचंभित हैं।

क्या है पेरिस जलवायु समझौता:
जलवायु परिवर्तन से लडने के लिए दिसंबर 2015 में अमेरिका समेत करीब 200 देशों ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते को पेरिस जलवायु समझौता नाम दिया गया। इस समझौते के तहत अमेरिका सहित 200 देशों ने 2100 तक वैश्विक तापमान को और बढऩे से रोकने के लिए शपथ ली। बान की मून ने इसके लिए काफी संघर्ष किया और सभी देशों को इस समझौते के लिए सहमत किया।

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