
तुवालु द्वीप (Tuvalu Island), जो प्रशांत महासागर में स्थित है, एक ऐसे देश के रूप में सामने आया है जिसकी समाप्ति की तारीख निश्चित हो चुकी है। ग्लोबल वार्मिंग और समुद्र के बढ़ते स्तर के कारण यह द्वीप धीरे-धीरे डूबता जा रहा है और कुछ सालों में यह पूरी तरह से समुद्र में समा जाएगा। तुवालु द्वीप की औसत ऊंचाई समुद्र तल से सिर्फ 2 मीटर है। पिछले तीन दशकों में समुद्र का स्तर यहां 15 सेंटीमीटर बढ़ चुका है, जो वैश्विक औसत से डेढ़ गुना अधिक है।
यह लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण गंभीर संकट का सामना कर रहा है। तुवालु वेटिकन सिटी के बाद दुनिया का सबसे कम आबादी वाला देश है, जहां करीब 11,000 लोग रहते हैं। इस देश की पूरी आबादी को जलवायु परिवर्तन और बढ़ते समुद्र के कारण विस्थापित होने के लिए मजबूर किया जाएगा। नासा के अनुसार, 2050 तक तुवालु के मुख्य एटॉल, फ़ुनाफ़ुटी का आधा हिस्सा समुद्र में समा जाएगा। इस स्थिति को देखते हुए, तुवालु और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2023 में एक समझौता हुआ। इसके तहत, 2025 से हर साल 280 लोगों को ऑस्ट्रेलिया में स्थायी रूप से विस्थापित किया जाएगा, ताकि उनका जीवन सुरक्षित हो सके।
तुवालु में खारे पानी के कारण मीठे पानी की भारी कमी है, जिससे यहां के लोग बारिश के पानी को टैंक में जमा कर उगने वाले खाद्य पदार्थों के लिए इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, यहां के लोग अपने बच्चों का भविष्य लेकर चिंतित हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि उनका भविष्य क्या होगा। तुवालु के लोग अब अपनी मिट्टी से विस्थापित होने की तैयारी कर रहे हैं, क्योंकि उनकी धरती को बचाने का कोई उपाय नहीं बचा है।
Home / Uncategorized / महाप्रलय से दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा यह द्वीप देश, तय हो चुकी समाप्ति की तारीख
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