
वॉशिंगटनः अपने अड़ियल रवैये के लिए दुनिया में मशहूर अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने नए फैसले में औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं के समूह G-7 के सम्मेलन के बाद जारी संयुक्त घोषणा पत्र को एक झटके में खारिज कर दिया। ट्रंप के मेजबान कनाडा पर अपमानजनक टिप्पणियां करने के बाद जहां दोनों देशों में घमासान मच गया वहीं ट्रंप के सिलसिलेवार ट्वीट के बाद अमरीका और यूरोप के बीच ट्रेड वॉर छिड़ गई है।
कनाडा के क्यूबेक शहर में G-7 सम्मेलन में अमरीका सहित सभी सदस्य देशों की सहमति से तय हुए संयुक्त बयान को जारी किया गया, इससे पहले ही ट्रंप सिंगापुर के लिए रवाना हो गए और थोड़ी देर बाद अपने विशेष विमान एयरफोर्स-वन में बैठे-बैठे ट्विटर पर बयानबाजी शुरू कर दी। डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट में लिखा, ‘कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो ने G-7 बैठक में दबे और सुलझे होने का नाटक किया, ताकि वह उसके बाद वहां से मेरे प्रस्थान के बाद संवाददाता सम्मेलन में बोल सकें और कह सकें….उन्हें कोई धमका नहीं सकता. बहुत ही बेईमान और कमजोर व्यक्ति।’ ट्रंप के इन ट्वीट के बाद बवाल मच गया।
मामले को लेकर जर्मनी के विदेश मंत्री मेको मास ने कहा कि ट्रंप ने G-7 सम्मेलन के बाद एक संयुक्त बयान से पीछे हटकर यूरोप के साथ विश्वसनीय संबंध को तार-तार कर दिया है। उन्होंने ट्रंप से कहा कि आप महज एक ट्वीट कर बहुत तेजी से विश्वास खो देते हैं। इस बीच व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार लैरी कुदलोव ने कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूदो ने G-7 सम्मेलन में हमारी पीठ में छुरा घोंपा है। अमरीका को जस्टिन द्वारा संवाददाता सम्मेलन में दिए बयान पर ऐतराज है। हम सद्भावना के साथ बयान में शामिल हुए थे।
यह है मामला
दरअसल, ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में स्टील और एल्युमिनियम के आयात पर टैरिफ लगा दिया है, जिसके चलते कनाडा समेत कई देश नाराज हैं। इस समिट में अमरीकी टैरिफ को लेकर चर्चा की जा रही थी।
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