
एक तरफ जहां इंसान ही इंसान का दुश्मन बन बैठा है वहीं आज भी कुछ लोग ऐसे हैं जो इंसानियत की खातिर जानवर की भी मदद करते हैं। ऐसा ही एक किस्सा लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी के वेटेरियन टीचिंग हॉस्पिटल में देखने को मिला। यहां चलने में एक असमर्थ कछुए को ठीक करने के लिए उसके पैरों में पहिए लगाए गए।
मालूम हो कि पेड्रो नामक एक कछुए को एक शख्स ने गोद लिया था। उन्होंने उसे अपने बेटे की तरह प्यार दिया। जब उन्होंने कछुए को गोद लिया था तब वह पहले से विकलांग था। उसका एक पैर नहीं था। इसके बावजूद पेड्रो सबका दुलारा था। कछुए की मालकिन के अनुसार पेड्रो कुछ दिन पहले कहीं खो गया था मगर जब वह उन्हें वापस मिला तो उसका दूसरा पैर भी नहीं था। यह देखकर वे परेशान हो गए। तब वे उसे वेटेरियन टीङ्क्षचग हॉस्पिटल लेकर गए।
वहां जांच में डॉक्टरों ने पाया कि कछुए का दूसरा पैर दुर्घटना की वजह से नहीं रहा। ऐसे में उन्होंने उसका ऑप्रेशन करने की बात कही। चूंकि हॉस्पिटल के पास कोई वैकल्पिक पैर मौजूद नहीं थे इसलिए उन्होंने इसमें पहिए लगाने का फैसला लिया। अस्पताल के कम्युनिकेशन मैनेजर जिंजर गटर ने कहा कि मैडीकल साइंस के अनुसार इसमें कुछ गलत नहीं है। जानवरों की जरूरत के हिसाब से उनका ट्रांसप्लांट किया जाता है। इसमें इस बात का ध्यान रखा जाता है कि इससे जीव को कोई तकलीफ न हो।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website