
कॉलेज के दिनों में उन्होंने स्टूडेंट्स फॉर जस्टिस इन पलेस्टाइन नामक संगठन की स्थानीय शाखा की सह-स्थापना की थी। बाद में वे फोरक्लोजर प्रिवेंशन काउंसलर के रूप में काम करने लगे और धीरे-धीरे राजनीति में सक्रिय हुए। साल 2017 में जोहरान ममदानी ने डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका (DSA) में शामिल होकर न्यूयॉर्क की राजनीति में अपनी पहचान बनाई।
भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने इतिहास रचते हुए न्यूयॉर्क शहर के मेयर का चुनाव जीत लिया है। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के बाद भी जीत हासिल की है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि अगर ममदानी जीतते हैं तो न्यूयॉर्क को फंड नहीं मिलेगा। 34 साल के जोहरान ममदानी का न्यूयॉर्क शहर का मेयर बनना आसान नहीं था। उन्हें अपने प्रतिद्वंदियों के खिलाफ लगातार लीड हासिल थी और उन्हें ट्रंप के साथ साथ एलन मस्क के विरोध का भी सामना करना पड़ा था।
जोहरान ममदानी, जो खुद को “डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट” कहते हैं और जिनकी जड़ें भारत और अफ्रीका से जुड़ी हैं। वे स्वतंत्र उम्मीदवार एंड्र्यू क्युओमो और रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस स्लिवा के खिलाफ मैदान में थे। ममदानी का सफर बेहद दिलचस्प रहा है। उनके पिता एक प्रोफेसर हैं, जबकि उनकी मां प्रसिद्ध भारतीय फिल्मकार रही हैं।
जोहरान क्वामे ममदानी का जन्म 18 अक्टूबर 1991 को युगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ था। उनके पिता महमूद ममदानी अफ्रीकी राजनीति और इतिहास के जाने-माने विद्वान हैं, जबकि उनकी मां मीरा नायर, ‘मॉनसून वेडिंग’ और ‘द नेमसेक’ जैसी प्रसिद्ध फिल्मों की निर्देशक हैं। बचपन में ममदानी का परिवार युगांडा से दक्षिण अफ्रीका और फिर न्यूयॉर्क आ गया। उन्होंने बैंक स्ट्रीट स्कूल फॉर चिल्ड्रेन और ब्रॉन्क्स हाई स्कूल ऑफ साइंस से शिक्षा प्राप्त की और 2014 में बोडोइन कॉलेज से अफ्रीकाना स्टडीज में स्नातक किया। खास बात ये है कि ममदानी काफी बढ़िया हिन्दी बोलते हैं और भारतीय मूल के मतदाताओं का दिल जीतने के लिए उन्होंने अपना कैम्पेन हिन्दी भाषा में भी चलाया था।
Home / News / न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर बनने वाले जोहरान ममदानी कौन हैं? जानिए पत्नी रामा ने कैसे पर्दे के पीछे से चलाया कैम्पेन?
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