
थाइलैंड के रहने वाले 31 साल के कोमोल पान्यासोफोन्लर्ट को दुनिया का तीसरा बेस्ट स्क्रैबल प्लेयर्स बताया गया है। वो दुनिया के सबसे अच्छे स्क्रैबल प्लेयर्स में से एक है, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि वो अंग्रेजी का एक शब्द भी नहीं बोल सकते।
हालांकि कोमोल को 90 फीसदी अंग्रेजी भाषा याद है। कोमोल जब 14 साल का था, तब घर में मिली एक हैंडबुक से उसने सीखना शुरू किया और खुद को दिनभर में 6 घंटे इंग्लिश डिक्शनरी पढ़कर तैयार किया। लेकिन अजीब बात यह है कि वो अंग्रेजी का एक भी वाक्य पूरा नहीं बोल सकता और लिखित संवाद के लिए गूगल ट्रांसलेट की मदद लेता है।
वह कहता है कि स्क्रैबल का मतलब फर्राटेदार बोलने और ग्रामर जानने से नहीं है। यह लॉजिक, मेमोरी, मैथ्स से जुड़ा है। लोग बहुत होते हैं कि मैं इंग्लिश नहीं बोल सकता हूं, लेकिन मैं वर्ड्स याद कर सकता हूं।
प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से पहले मैंने खाली समय में डिक्शनरी पढ़ी। बेड पर, बाथरूम में, ट्रेन में हर जगह मैं इसे अपने साथ रखता था। कोमोल को अब तक सभी प्रतियोगिताओं में 30 हजार पौंड यानी 2657310.54 रूपए प्राइज मनी मिल चुकी है। पेशे से कम्प्यूटर प्रोग्रामर कोमोल ने स्क्रैबल करियर में यूएस, साउथ अफ्रीका, शेज रिपब्लिक, पोलैंड, नाइजीरिया, इंडिया और मलेशिया की यात्रा कर ली है।
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