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इस महीने सुरक्षा परिषद में कहीं पाकिस्तान न कर दे कश्मीर मुद्दे पर चालाकी, काउंटर प्लान में जुट गया है भारत


इस महीने की यूएनएससी बैठक में पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे पर भारत को घेरने की कोशिश करेगा। भारत अपने पुराने सहयोगियों और यूएनएससी सदस्यों के सहयोग से इस कोशिश को विफल करेगा। भारत रूस, फ्रांस, अमेरिका के समर्थन पर भरोसा कर रहा है और चीन की भूमिका पर सबकी नजरें होंगी।
इस महीने से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बैठक शुरू होने वाली है। इस बार की बैठक में पाकिस्तान एक बार फिर भारत को कश्मीर मुद्दे पर घेरने की कोशिश करेगा। ऐसे में भारत अपने पुराने सहयोगियों और यूरोप के कुछ यूएनएससी सदस्यों के सहयोग से कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय बनाने के पाकिस्तान के किसी भी कदम से निपटने की कोशिश करेगा।
भारत के साथ मतभेदों को उठाने की उम्मीद – सूत्रों के अनुसार, बुधवार से शुरू हो रहे 2025-26 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के रूप में पाकिस्तान से कश्मीर मुद्दे का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने और अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों पर प्रतिबंध लगाने से संबंधित मामलों सहित परिषद की बैठकों में भारत के साथ अन्य मतभेदों को उठाने की उम्मीद है।
पाकिस्तानी प्रयासों को विफल करने में जुटा भारत – सूत्रों ने हमारे सहयोगी अखबार ईटी को बताया कि नई दिल्ली इस संबंध में पाकिस्तान के प्रयासों को विफल करने के लिए स्थायी परिषद के सदस्यों रूस, फ्रांस और अमेरिका से समर्थन की उम्मीद कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत उन मुद्दों पर यूएनएससी के कुछ स्थायी सदस्यों के संपर्क में है, जिन पर 1 जनवरी से शुरू होने वाले अगले दो वर्षों में बहस हो सकती है।
चीन पर होंगी नजरें – हालांकि, सभी की निगाहें यूएनएससी में पाकिस्तान के सदाबहार दोस्त चीन की भूमिका पर टिकी होंगी। सूत्रों के अनुसार, कज़ान शिखर सम्मेलन के बाद से बीजिंग के साथ संबंधों में आई नरमी के बीच, चीन संतुलित रुख अपना सकता है। भारत यूएनएससी के अन्य गैर-स्थायी सदस्यों के साथ समन्वय करने की भी योजना बना रहा है, जिसमें पुराने अफ्रीकी साझेदार अल्जीरिया के अलावा ग्रीस, डेनमार्क और स्लोवेनिया शामिल हैं, जो सुरक्षा परिषद में गैर-स्थायी सदस्य हैं।