
जापान ने रविवार को अपने नए एच3 रॉकेट के जरिए एक नेविगेशन उपग्रह का प्रक्षेपण किया। इस उपग्रह के प्रक्षेपण का उद्देश्य यह है कि जापान अपनी खुद की अधिक सटीक स्थान निर्धारण प्रणाली बनाना चाहता है। मिचिबिकी-6 उपग्रह को ले जाने वाले एच3 रॉकेट ने दक्षिण-पश्चिमी जापानी द्वीप पर स्थित तनेगाशिमा अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक उड़ान भरी। ‘जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी’ ने कहा कि अब तक सब कुछ योजना के अनुसार ही चल रहा है।
जापान के पास वर्तमान में अर्ध-जेनिथ उपग्रह प्रणाली या क्यूजेएसएस है, जिसमें क्षेत्रीय नेविगेशन प्रणाली के लिए चार उपग्रह हैं जो पहली बार 2018 में संचालित हुए थे। मिचिबिकी के संकेतों का उपयोग अमेरिकी जीपीएस के पूरक के रूप में किया जाता है, ताकि स्मार्टफोन, कार और समुद्री नेविगेशन और ड्रोन के लिए स्थिति संबंधी आंकड़ों में सुधार किया जा सके। जापान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एजेंसी के अनुसार जापान मार्च 2026 तक सात उपग्रहों वाली प्रणाली के लिए दो और नेविगेशन उपग्रहों को प्रक्षेपित करने की योजना बना रहा है। जापान की योजना 2030 के दशक के अंत तक 11 उपग्रहों वाला नेटवर्क स्थापित करने की है।
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