
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने पश्चिम बंगाल का अचानक दौरा किया और खुफिया अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। इसमें ISI की बांग्लादेश में बढ़ती गतिविधियों और वहाँ से पश्चिम बंगाल में होने वाली विध्वंसक कार्रवाइयों पर चिंता जताई गई। गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों और माओवादियों की संभावित गतिविधियों पर भी चर्चा की गई।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का पिछले हफ्ते अचानक कोलकाता में दौरा हुआ। यह दौरा बेहद गोपनीय था। इस दौरे की वजह पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में बढ़ता खतरा बताया जा रहा है। हसीना सरकार गिरने के बाद से दोनों देशों में विध्वंसक गतिविधियां बढ़ी हैं। इसका असर पूरे भारत पर पड़ सकता है। पश्चिम बंगाल, माओवादियों और इस्लामी चरमपंथी गुटों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है। ये गुट राज्य को अपने नापाक मंसूबों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। यहां से वे दूसरे इलाकों में भी अपनी गतिविधियां चला रहे हैं।
NSA अजीत डोभाल ने खुफिया अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं। इन बैठकों में पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों के सभी खुफिया अधिकारी शामिल थे। बैठकों में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की बांग्लादेश में बढ़ती गतिविधियों पर चिंता जताई गई। साथ ही पश्चिम बंगाल में माओवादी नेताओं की मौजूदगी की संभावना पर भी विचार किया गया।
गैर मान्यता प्राप्त मदरसों से खतरा – खुफिया एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर बीरभूम, मालदा, मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना जिलों पर नजर रखने को कहा गया है। इन जिलों में कई गैर-मान्यता प्राप्त मदरसे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि ये मदरसे विध्वंसक तत्वों को मदद पहुंचा सकते हैं।
NSA डोभाल ने खुफिया प्रमुखों से कहा कि वो सतर्क रहें। उन्हें उन लोगों का पता लगाना होगा जो विध्वंसक तत्वों को पैसा और दूसरी मदद मुहैया करा रहे हैं। इन तत्वों पर लगातार नजर रखने और घुसपैठ की जानकारी पर ध्यान देने की भी जरूरत बताई गई।
बांग्लादेश बॉर्डर पर निगरानी सख्त – बांग्लादेश के साथ भारत की 4,096 किलोमीटर लंबी सीमा है। इस सीमा से लगे सभी राज्यों में सीमा प्रबंधन को मजबूत करने पर ज़ोर दिया गया। सीमा सुरक्षा बल (BSF), राज्य पुलिस और केंद्रीय व राज्य खुफिया एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की बात कही गई।
केंद्रीय खुफिया ब्यूरो (IB) के सूत्रों ने बताया कि डोभाल का दौरा बेहद अहम था। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान के ISI प्रमुख ने एक महीने के अंदर दो बार बांग्लादेश का दौरा किया है। और भारतीय सुरक्षा बलों ने छत्तीसगढ़ में माओवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
क्या बोले आईबी अफसर – एक IB अधिकारी ने कहा, ‘डोभाल ने पिछले तीन महीनों में बांग्लादेश स्थित आतंकी संगठन अंसार-अल-इस्लाम, जिसे अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) के नाम से भी जाना जाता है, और पाकिस्तान से जुड़े आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के कुल 19 गुर्गों की गिरफ्तारी पर चर्चा की। इन गुर्गों का पश्चिम बंगाल और असम से संबंध है। आखिरी गिरफ्तारी 12 फरवरी को असम पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने की थी। चेन्नई से ABT के एक प्रमुख गुर्गे को पकड़ा गया था।’
ISI की दो बार गुप्त बांग्लादेश यात्रा – अधिकारी ने आगे कहा, ‘NSA ने पिछले महीने दो बार ISI की गुप्त बांग्लादेश यात्रा के बारे में चिंता व्यक्त की, खासकर आखिरी बार जब इस महीने ISI की 10 सदस्यीय टीम एक हफ्ते तक चटगांव में डेरा डाले रही। बंगाल को पहले भी कई मौकों पर बांग्लादेश से भारत के लिए ISI के रास्ते के रूप में पहचाना गया है।
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