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भारत ने पाकिस्तान के फतेह-1 मिसाइल को आसमान में ही उड़ाया, चीन की मदद से बनी ये हथियार कितनी खतरनाक?


पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ हमला करने के लिए फतेह सीरिज की मिसाइलों का हमला किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने पाकिस्तान के अज्ञात जगह से आई फतेह-1 मिसाइल को नष्ट कर दिया है। हमारे पास जो जानकारी है उसके मुताबिक पाकिस्तान ने कल शाम के बाद से फिर से जम्मू समेत कई जगहों पर ड्रोन हमले शुरू कर दिए थे, जिसका भारत ने करारा जवाब देना शुरू कर दिया था। वहीं धीरे धीरे कल शाम के बाद हालात बिगड़ते चले गये। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी अधिकारियों ने बताया है कि पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर शहरों में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल करके सैन्य सुविधाओं और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करने की कोशिश की गई, जिसे भारत ने नाकाम कर दिया है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक भारत ने कठोर हवाई रक्षा करते हुए एक ‘नपी तुली प्रतिक्रिया’ भी दी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ लॉंग रेंज की मिसाइल फतेह-1 का इस्तेमाल किया, जिसे भारत ने मार गिराया है। फतेह-1 पाकिस्तान की एक गाइडेड मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) है, जो सतह से सतह तक मार करने में सक्षम है। इसकी रेंज लगभग 140 किमी तक है और इसे परमाणु और पारंपरिक हथियारों से लैस किया जा सकता है। इसे चीन की टेक्नोलॉजी की मदद से विकसित किया गया है और इसे भारतीय ठिकानों पर तेज और सटीक हमले के लिए डिजाइन किया गया है। लेकिन भारत पर किया गया ये हमला नाकाम हो गया है। फतेह-1 मिसाइल पाकिस्तान की ‘फुल स्पेक्ट्रम डेटरेंस’ नीति का हिस्सा माना जाता है।
भारत ने पाकिस्तानी फतेह-1 को गिराया – पाकिस्तान का Fatah-1 गाइडेड मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (GMLRS) ने कुछ साल पहले इसका सफल परीक्षण किया था। उस समय दुनिया की नजरें इस पर उतनी नहीं गईं, लेकिन आज भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के माहौल में यह मिसाइल एक बार फिर चर्चा में है। Fatah-1 एक गाइडेड MLRS है, जिसे पाकिस्तान की रक्षा निर्माण संस्था Global Industrial and Defence Solutions (GIDS) ने विकसित किया है। इसे मिसाइल 140 किमी तक के दायरे में स्थित स्थिर लक्ष्यों को उच्च सटीकता के साथ मार गिराने के लिए बनाया गया है। पाकिस्तान ने इसे चीनी टेक्नोलॉजी के आधार पर बनाया है और इसे पाकिस्तान के रॉकेट सिस्टम A-100 का एडवांस्ड वर्जन माना जाता है।
पाकिस्तान दावा करता है कि फतेह-1 मिसाइल से पारंपरिक और संभावित रूप से परमाणु हथियार लॉन्च किए जा सकते हैं। पाकिस्तान इस मिसाइल का प्राथमिक मकसद भारत के भीतर सैन्य बेस, एयरफील्ड, रडार और लॉॉजिस्टिक केन्द्रों को जल्दी और सटीकता से हमला करना करना मानता है। यह मिसाइल पाकिस्तान को सीमित समय में भारत के अंदर 100 किमी से ज्यादा दूर तक स्ट्राइक करने की क्षमता देता है। Fatah-1 की स्पीड और फायरिंग मोड इसे भारत के एयर डिफेंस नेटवर्क के लिए एक चुनौती बना सकते हैं, लेकिन पाकिस्तान का पहला हमला नाकाम हो चुका है। भारत के पास S-400, Akash, और MRSAM जैसे सिस्टम हैं, जो फतेह-1 को रोकने में सक्षम है। पाकिस्तान ने इस मिसाइल को बनाने में चीन से मिली टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है। इसके रॉकेट इंजन, गाइडेंस सिस्टम और ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी में चीनी DF-12 और WS-2 सिस्टम की झलक मिलती है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि फतेह-1 चीन की WS-series MLRS का पाकिस्तान वर्जन है।
भारत ने भारत ने फतेह-1 और उससे संबंधित खतरों से निपटने के लिए कई स्तरों पर तैयारियां कर रखीं हैं, जो रात में देखने भी मिला था। S-400, Akash, Spyder और Barak-8 जैसे एयर डिफेंस सिस्टम फतेह-1 को आसामी से मार गिरा सकते हैं, जैसा रात में किया गया है। माना जा रहा है कि भारत ने बराक-8 मिसाइल से फतेह-1 को मार गिराया है। हालांकि अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया का हम इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा भारत लंबे समय से ISRO के मिलिट्री सैटेलाइट्स और RAW/NTRO की मदद से पाकिस्तान के MLRS तैनाती क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखता रहा है। जिसका मतलब है कि पाकिस्तान ने जब फतेह-1 मिसाइल को लॉन्च करने की कोशिश की होगी, तभी भारत ने उसका पता लगा लिया होगा और अपनी स्ट्रैटजी के हिसाब से उसे नष्ट किया होगा।