Wednesday , March 4 2026 7:21 PM
Home / Uncategorized / भारत ने अफगानिस्तान पर UN प्रस्ताव पर वोट नहीं दिया, बोला आतंकवाद के लिए इसकी धरती का इस्तेमाल न हो

भारत ने अफगानिस्तान पर UN प्रस्ताव पर वोट नहीं दिया, बोला आतंकवाद के लिए इसकी धरती का इस्तेमाल न हो

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान पर प्रस्ताव के मतदान में भाग नहीं लिया। भारत के राजदूत पर्वाथानेनी हरीश ने बताया कि उन्हें अफगानिस्तान की धरती पर आतंकवादी गतिविधियों का गहरा चिंता है। भारत ने पहलगाम में हुए हालिया आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की है।
भारत ने अफगानिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक प्रस्ताव पर वोट नहीं दिया। भारत के UN में स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत पर्वाथानेनी हरीश ने कहा कि भारत को चिंता है कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकवादी संगठन कर रहे हैं। इसलिए भारत ने वोट नहीं दिया। हरीश ने UN में कहा कि अफगानिस्तान ने 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की है, जिसका भारत स्वागत करता है।
भारत वोटिंग से क्यों दूर रहा? -पर्वाथानेनी हरीश ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि UN सुरक्षा परिषद द्वारा तय किए गए आतंकवादी संगठन, जैसे अल कायदा, ISIL, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद, अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए न करें। साथ ही, जो देश इन संगठनों की मदद करते हैं, उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
पहलगाम पर अफगानिस्तान के रुख का स्वागत – पर्वाथानेनी हरीश ने बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी से बात की थी। भारत ने अफगानिस्तान द्वारा पहलगाम हमले की निंदा करने का स्वागत किया। इससे पहले भारत के विदेश सचिव और अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री के बीच भी मुलाकात हुई थी। इसमें दोनों देशों ने कई मुद्दों पर बात की थी।
जयशंकर ने मई में मुत्ताकी से बात की थी। तालिबान के विदेश मंत्री के साथ यह उनकी पहली बातचीत थी। जयशंकर ने कहा था, “आज शाम मुल्लावी अमीर खान मुत्ताकी के साथ अच्छी बातचीत हुई। पहलगाम आतंकवादी हमले की उनकी निंदा की मैं सराहना करता हूं। भारत और अफगानिस्तान के बीच गलत खबरें फैलाकर अविश्वास पैदा करने की कोशिशों को उन्होंने खारिज किया, जिसका मैं स्वागत करता हूं।” जयशंकर ने आगे कहा, “हमने अफगानिस्तान के लोगों के साथ अपनी दोस्ती को दोहराया और उनकी तरक्की के लिए लगातार मदद करने की बात कही। हमने सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की।”
भारत, अफगानिस्तान के साथ खड़ा – पर्वाथानेनी हरीश ने कहा कि भारत हमेशा से अफगानिस्तान के लोगों के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का यह फैसला सिद्धांतों और व्यवहारिकता दोनों पर आधारित है। उन्होंने कहा, “मैं अफगानिस्तान के लोगों के साथ भारत के ऐतिहासिक संबंधों को दोहराना चाहता हूं। हम उनकी मानवीय और विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए हमेशा तैयार हैं।”