
पाकिस्तान समेत कई देशों ने इजरायली मंत्री के अल अक्सा मस्जिद जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने रेड लाइन पार की है। सोशल मीडिया पर भी इस घटनाक्रम पर गुस्सा देखा जा रहा है।
इजरायल के धुर दक्षिणपंथी मंत्री इतमार बेन-ग्विर ने पूर्वी यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद में जाकर प्रार्थना की है। ग्विर रविवार को अपने कुछ समर्थकों के साथ मस्जिद कैंपस पहुंचे। ग्विर के मस्जिद में घूमने की तस्वीरें सामने आने के बाद दुनिया के बड़े हिस्से खासतौर से मुस्लिम देशों ने कड़ा एतराज जताया है। पाकिस्तान समेत कई देशों ने कहा है कि ग्विर ने अपनी हदों को पार किया है, उन्हें ऐसे कदम उठाने से बाज आना चाहिए।
पाकिस्तान, जॉर्डन, सऊदी अरब और तुर्की जैसे देशों ने ग्विर के अल अक्सा मस्जिद जाने की निंदा करते हुए कहा है कि यह पश्चिम एशिया के सबसे संवेदनशील स्थल की दशकों पुरानी व्यवस्था का उल्लंघन है। ग्विर पहले भी अल अक्सा जाते रहे हैं और इसके लिए मुस्लिम मुल्क ही नहीं पश्चिमी देशों की आलोचना का सामना भी उनको करना पड़ा है। ऐसे में सवाल है कि उनके मस्जिद जाने इतना हंगामा क्यों मचा है और इस आक्रोश की क्या वजह है।
बेन ग्विर की यात्रा की निंदा – इजरायल के मंत्री बेन ग्विर के अल-अक्सा मस्जिद जाने के बाद लोगों ने उन पर भड़काने और पुराने समझौते का उल्लंघन का आरोप लगाया है। फिलिस्तीनी गुट हमास ने बेन की यात्रा को फिलिस्तीनियों के खिलाफ आक्रामकता को बढ़ाने वाला बताया। फिलिस्तीनी प्राधिकरण के अध्यक्ष महमूद अब्बास के प्रवक्ता ने भी कहा कि इस यात्रा से सभी रेड लाइन पार हो गई हैं।
जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को अंतर्राष्ट्रीय कानून और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का घोर उल्लंघन और एक अस्वीकार्य उकसावा बताया। सऊदी अरब ने इसे अल-अक्सा मस्जिद के खिलाफ इजरायली अधिकारियों की भड़काऊ गतिविधि कहा है। पाकिस्तान और तुर्की ने भी कड़े शब्दों में इसके खिलाफ बयान दिए हैं।
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