
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में बादल फटने के बाद हुई तबाही से अब तक 60 लोगों की मौत हो गई है। इस घटना के बाद से लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों ने बताया कि इस घटना को कभी नहीं भूल पाएंगे।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में 14 अगस्त को बादल फटने से भारी तबाही मच गई। हादसा एक सुदूर पहाड़ी गांव चशोती में हुआ। यह गांव मचैल माता मंदिर के रास्ते में है। घटना में अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग घायल और दर्जनों अब भी लापता है। बचाव और राहत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
अपनों की तलाश में लोग बेचैन – इस घटना से लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है, वे कभी भी इस घटना को भूल नहीं पाएंगे। हादसे के बाद बचाए गए लोगों में शामिल भूषण अपनी 23 वर्षीय बेटी गहना रैना को ढूंढने के लिए बेचैन है, जिसका इस त्रासदी के बाद से कोई पता नहीं चल पा रहा है। 50 से अधिक लोगों को किश्तवाड़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई अपने प्रियजन की तलाश में बेचैन दिखाई दे रहे है, जिनका अभी तक पता नहीं चल पाया है।
Home / Uncategorized / मैं चट्टानों में फंस गई, नहीं पता मम्मी-पापा कहां हैं… किश्तवाड़ में चारों तरफ तबाही का मंजर, लोग बोले- घटना को नहीं भूल पाएंगे
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