
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस पर मौजूदा प्रतिबंध यूक्रेन में युद्ध को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने यूरोपीय देशों से अपने उपायों को ज्यादा कड़ा करने का आग्रह किया है। ट्रंप का कहना है कि रूस के खिलाफ अमेरिका ज्यादा प्रतिबंध लगाने को तैयार है लेकिन पहले यूरोप को अपने प्रतिबंध कड़े करने होंगे। यूरोप के देश रूस से तेल खरीद जारी रखे हुए हैं, उनको यह रोकना होगा। ऐसा कहते हुए ट्रंप ने एक तरह से गेंद यूरोप के पाले में डाल दी है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या ट्रंप वाकई रूस पर प्रतिबंधों को सख्त करना चाहते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी में अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद से कई दफा रूसी प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन पर नाराजगी जताई है। यूक्रेन पर पुतिन के रुख से निराशा जताते हुए ट्रंप ने बार-बार ये कहा है कि आगे और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि उन्होंने अभी तक नए प्रतिबंधों की घोषणा नहीं की है। उन्होंने सिर्फ संकेत दिया है कि बैंकों और तेल पर कड़ी कार्रवाई के साथ नए टैरिफ पर विचार किया जा रहा है।
दूसरे देशों की बात कर रहा अमेरिका – डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध पर बात करते हुए नाटो सहयोगियों से रूसी तेल खरीदना बंद करने का आह्वान किया। साथ ही चीन पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का सुझाव दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि नाटो के देश अगर चीन पर 50% से 100% टैरिफ लगाएं तो यूक्रेन में युद्ध रुकने का रास्ता बन सकता है।
Home / Uncategorized / पुतिन पर बयानबाजी, चीन का बोझ NATO देशों पर… इधर-उधर की बात क्यों कर रहे ट्रंप, क्या सच में लगाएंगे रूस पर प्रतिबंध!
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website