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भारतीयों के पसंदीदा H-1B वीजा प्रोग्राम पर ट्रंप की सख्ती का असर, आवेदनों में 38.5 फीसदी गिरावट, जानें किसे सबसे ज्यादा सेलेक्शन


ट्रंप प्रशासन ने बताया है कि वर्क वीजा चयन प्रक्रिया में बड़े बदलावों के बाद इस साल H-1B वीजा आवेदनों में भारी गिरावट आई है। प्रशासन ने इसे सफलता बताते हुए कहा है कि इस प्रोग्राम का गलत इस्तेमाल करने के दिन अब खत्म हो गए हैं। अमेरिका में उच्च-कुशल कार्यक्रमों में नौकरियों के लिए H-1B वीजा प्रोग्राम भारतीयों की पहली पसंद रहा है। इस कार्यक्रम के तहत लगभग 80 फीसदी तक भारतीयों की एंट्री होती थी।
US सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) के डेटा से पता चलता है कि पिछले साल की तुलना में इस साल H-1B रजिस्ट्रेशन में 38.5 प्रतिशत की कमी आई है। वित्त वर्ष 2026 में यह संख्या 343981 थी जो वित्त वर्ष 2027 में घटकर 211600 रह गई।
H-1B वीजा पर ट्रंप की टेढ़ी नजर – भारतीय प्रोफेशनल का सबसे पसंदीदा H-1B वीजा प्रोग्राम डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार ऑफिस में आने के बाद कड़ी निगरानी के दायरे में आ गया है। ट्रंप प्रशासन ने पहले वेतन से जुड़ी कड़ी शर्तें लागू कीं और आवेदन शुल्क भी बढ़ा दिया। वॉइट हाउस का कहना था कि इस कदम का मकसद सिस्टम के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाना है।
USCIS ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि “यह डेटा इस बात का साफ संकेत है कि बड़े पैमाने पर कम वेतन वाले रजिस्ट्रेशन के जरिए इस प्रोग्राम का गलत इस्तेमाल करने के दिन अब खत्म हो गए हैं। यह प्रोग्राम अब अपने असल मकसद को बेहतर तरीके से पूरा कर रहा है- यानी बहुत ज्यादा काबिल विदेशी कर्मचारियों को आकर्षित करना और अमेरिकी कर्मचारियों के वेतन, काम की स्थितियों और नौकरी के अवसरों की रक्षा करना।”
H-1B वीजा सिस्टम की अमेरिका में इस बात को लेकर आलोचना होती रही है कि कुछ कंपनियां और एम्प्लॉयर इसका इस्तेमाल बहुत ज्यादा काबिल विदेशियों को भर्ती करने की जगह सस्ते कर्मचारी पाने के लिए करते हैं। USCIS ने बताया कि अब चुने गए उम्मीदवारों का बड़ा हिस्सा उच्च शैक्षिक डिग्री रखता है।
अमेरिकी यूनिवर्सिटी से डिग्री लेने वालों को सेलेक्शन – अमेरिकी एजेंसी के अनुसार, चुने गए आवेदकों में से 71.5 प्रतिशत के पास अमेरिका की मास्टर डिग्री या उससे उच्च डिग्री थी, जबकि पिछले यह आंकड़ा 57% था। इससे पता चलता है कि अमेरिकी विश्वविद्यालयों से डिग्री लेने वाले विदेशी छात्रों को ज्यादा H-1B वीजा मिल रहा है।
USCIS ने जोर देकर कहा कि वह H-1B वीजा प्रोग्राम में वेतन स्तरों के मानकों को और कड़ा कर रहा है। इसने बताया कि वह लो-स्किल्ड और कम वेतन वाले कर्मचारियों के लिए दरवाजा बंद कर रहा है। यह भी कहा कि जो आवेदन मंजूर किए गए, उनमें केवल 17.7 प्रतिशत की सबसे कम वेतन वाली श्रेणी में आते थे।