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ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीयों को झटका! ट्रंप प्रशासन का नया नियम- ‘पहले अमेरिका छोड़ो, फिर करो एंट्री’


अमेरिका ने ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीयों को तगड़ा झटका दिया है। US सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे लोगों से देश छोड़ने और अपने देश में ही इंतजार करने को कहा है। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले समुदायों में भारतीय शामिल हैं। ग्रीन कार्ड आधिकारिक तौर पर स्थायी निवासी कार्ड के रूप में जाना जाता है। यह एक ऐसा पहचान पत्र है जो किसी विदेशी नागरिक को अमेरिका में स्थायी रूप से रहने, काम करने और पढ़ाई करने का कानूनी अधिकार प्रदान करता है। इस कारण ग्रीन कार्ड की डिमांड काफी अधिक है।
रिपोर्ट के मुताबिक, USCIS ने नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनमें इमिग्रेशन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट की धारा 245 (a) के तहत टेम्पररी नॉन-इमिग्रेंट स्टेटस से परमानेंट इमिग्रेंट स्टेटस में बदलाव को एक ऐसी प्रक्रिया मानें, जो आम तौर पर अमेरिका के बाहर ही होनी चाहिए। USCIS के डायरेक्टर जोसेफ एडलो ने कहा कि एजेंसी यह पक्का कर रही है कि टेम्पररी एंट्री और परमानेंट रेजिडेंस के बीच एक साफ फर्क हो, और इस बीच का समय व्यक्ति को अपने देश में ही बिताना चाहिए।
नॉन-इमिग्रेंट वीजा बनाम इमिग्रेंट वीजा – इस नए नियम का मकसद अवैध विदेशी नागरिक नहीं, बल्कि वे लोग हैं जो B1/B2, F1/M1, J1, H-1B, O-1 जैसे टेम्पररी वीजा पर आते हैं। ये वीजा उन टूरिस्ट, स्टूडेंट और वर्कर के लिए होते हैं जो नॉन-इमिग्रेंट इरादे से आते हैं। इसका मतलब है कि वे अमेरिका में हमेशा के लिए रहने नहीं, बल्कि किसी खास मकसद से आते हैं। इसके बाद वे परमानेंट रेजिडेंस या ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं, और उनके मूल देश के आधार पर, इंतजार का समय अलग-अलग होता है। उदाहरण के लिए, भारतीयों के लिए इंतजार का समय बहुत ज्यादा है। जब वे इंतजार कर रहे होते हैं, तो वे अपना वीजा रिन्यू करवाते रहते हैं।