
पाकिस्तान एक बार फिर इस्लामिक कट्टरपंथियों के आगे घुटने टेकते हुए लाहौर में सड़कों और इलाकों के पुराने हिंदू और सिख नामों को बहाल करने का फैसला टाल दिया है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मरियम नवाज शरीफ के नेतृत्व वाली PML-N सरकार ने लाहौर के ऐतिहासिक स्थलों को उनके बंटवारे के पहले वाले पुराने नाम वापस देने का प्रस्ताव रखा था। यह प्रस्ताव पूर्व प्रधानमंत्री और PML-N के प्रमुख नवाज शरीफ की पहल पर लाया गया था। लेकिन कट्टरपंथियों के दबाव में इस फैसले को टाल दिया गया है।
नाम बदलने का यह अभियान लाहौर हेरिटेज एरियाज रिवाइवल नामक पहल का हिस्सा था, जिसे मरियम नवाज ने 2025 में शुरू किया था। 50 अरब पाकिस्तानी रुपये के इस प्रोजेक्ट का मकसद लाहौर की ऐतिहासिक विरासत को पुराने स्वरूप में लाना था। मार्च में अभियान शुरू किए जाने के बाद अब तक लाहौर में कम से कम 9 जगहों के नाम आधिकारिक तौर पर बदले गए थे।
नाम बदलने के फैसले पर यू-टर्न – पंजाब की मरियम नवाज सरकार ने इसी महीने नाम बदलने को मंजूरी दी थी। इसके तहत इस्लामपुर को कृष्ण नगर, बाबरी मस्जिद चौक को जैन मंदिर चौक और मुस्तफाबाद को धरमपुरा जैसे नामों से बदला जाना था। हालांकि, अब कट्टरपंथियों के दबाव के बाद अधिकारी इससे साफ इनकार कर रहे हैं। लाहौर के डेप्युटी कमिश्नर (रिटायर्ड) कैप्टन मोहम्मद एली एजाज ने पाकिस्तानी अखबार डॉन से कहा, अभी तक ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है।
जब एजाज से पूछा गया कि क्या नवाज शरीफ और मुख्यमंत्री मरियम, दोनों ने सड़कों और गलियों के बंटवारे के पहले वाले मूल नाम बहाल करने की मंजूरी दे दी थी, तो उन्होंने जोर देकर कहा कि अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है और यह मामला अभी भी चर्चा के अधीन है।
कट्टरपंथियों के दबाव में झुकी सरकार – समाचार एजेंसी PTI ने एक आधिकारिक सूत्र के हवाले से बताया कि कुछ कट्टरपंथी तत्वों ने और व्लॉगर्स ने हिंदू और सिख नामों को फिर से शुरू करने के फैसले को धार्मिक रंग देकर मरियम नवाज पर निशाना साधा। इस आलोचना के बाद मरियम सरकार बैकफुट पर आ गई है और विरोध से बचने के लिए इस फैसले को टाल दिया।
Home / Uncategorized / पाकिस्तान में कट्टरपंथियों के आगे झुकी सरकार, लाहौर में सड़कों और मोहल्लों के हिंदू-सिख नाम रखने पर लगी रोक
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website