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अमित शाह से क्या कहना चाहते थे बांग्लादेश के गृह मंत्री, BGB चीफ ने की ‘सीक्रेट’ मुलाकात, सीमा पर आएगी शांति?


बांग्लादेश के सीमा सुरक्षा बल बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमां सिद्दीकी पिछले सप्ताह नई दिल्ली में थे। यह एक आधिकारिक यात्रा थी जिसमें वे भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिदेशक प्रवीण कुमार के साथ DG स्तर की बातचीत में हिस्सा लेने आए थे। BGB-BSF की यह बैठक 8 जून से 11 जून तक चली थी। लेकिन अब पता चला है कि बीजीबी के महानिदेशक ने इसी दौरान भारत के गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी एक मुलाकात की थी।
एक घंटे तक चली थी मुलाकात – अमित शाह और बीजीबी चीफ अशरफुज्जमां के बीच यह मुलाकात 10 जून को दोपहर में नॉर्थ ब्लॉक में हुई थी, जो लगभग एक घंटे तक चली थी। लेकिन दिलचस्प बात है कि जहां बीजीबी और बीएसएफ की बीच चली बातचीत की पूरी जानकारी दी गई थी, वहीं अशरफुज्जमां की भारतीय गृह मंत्री के साथ मुलाकात के बारे में न तो नई दिल्ली और न ही ढाका ने सार्वजनिक रूप से कुछ बताया।
अगस्त 2024 में शेख हसीना सराकर के पतन के बाद यह पहली बार है जब बांग्लादेश के किसी वरिष्ठ अधिकारी ने भारतीय गृह मंत्री से मुलाकात की है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेशी घुसपैठियों को सीमा पार भेजने को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव चरम पर है। बांग्लादेश का कहना है कि बीएसएफ इन संदिग्ध लोगों को बिना किसी बातचीत के सीमा पर धकेल रही है। ढाका इसे पुश-इन कहता है। भारत इसके लिए पुश-बैक का इस्तेमाल करता है।
बांग्लादेश के गृह मंत्री का पत्र लेकर आए BGB चीफ – रिपोर्टों में कहा गया है कि मुलाकात के दौरान बीजीबी चीफ ने बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद का एक पत्र अमित शाह को सौंपा। गौर करने वाली बात है कि सलाहुद्दीन अहमद 2024 में हसीना सरकार के पतन के पहले एक दशक तक मेघालय के शिलॉन्ग में रहे हैं। कहा जाता है कि यह बैठक उनके प्रयासों से हुई है। इस पत्र के बारे में न तो ढाका और न ही नई दिल्ली ने कोई जानकारी सार्वजिनक की है। लेकिन बातचीत के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों को कहना है कि बांग्लादेश ने सीमा पर बार-बार होने वाली पुश-इन की घटनाओं की तरफ भारत का ध्यान दिलाया है।
रिपोर्टों के अनुसार, बांग्लादेश ने भारत से आग्रह किया है कि वह पहचान की पुष्टि किए बिना रात में लोगों को सीमा पार न भेजे। पत्र में यह भी कहा गया है कि अवैध विदेशी नागरिकों की वापसी के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर मौजूद है और उसका पालन किया जाना चाहिए।