Friday , June 19 2026 7:42 AM
Home / Uncategorized / पृथ्वी के ‘रहस्यमयी चांद’ पर पहुंचा चीन का सीक्रेट स्पेसक्राफ्ट; पहली बार इतिहास रचने की तैयारी

पृथ्वी के ‘रहस्यमयी चांद’ पर पहुंचा चीन का सीक्रेट स्पेसक्राफ्ट; पहली बार इतिहास रचने की तैयारी


चीन का एक अंतरिक्ष यान पृथ्वी के अस्थायी अर्ध चंद्रमाओं में से एक 469219 कामो’ओलेवा के पास पहुंचा है। यह अंतरिक्ष यान जल्द ही उस अंतरिक्ष चट्टान पर लैंडिंग की कोशिश करेगा। इस अंतरिक्ष यान का मुख्य मकसद इस रहस्यमयी चांद से नमूनों को इकट्ठा करना है, ताकि उन्हें अगले साल पृथ्वी पर वापस लाया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिशन वैज्ञानिकों को पृथ्वी के मुख्य चंद्रमा के बारे में रहस्य उजागर करने में मदद कर सकता है और ऐसे सुराग प्रदान कर सकता है जो अंतरिक्ष की खोजबीन और पृथ्वी की रक्षा के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
पृथ्वी की रहस्यमयी चांद के पास पहुंचा चीन – लाइव साइंस की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी (सीएनएसए) का जो स्पेसक्राफ्ट पृथ्वी की रहस्यमयी चांद 469219 कामो’ओलेवा के पास पहुंचा है, उसका नाम तियानवेन-2 है। तियानवेन-2 को 28 मई 2025 को दक्षिणी चीन के शीचांग उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से लॉन्च किया गया था। इस स्पेसक्राफ्ट ने अपनी लॉन्चिंग के कुछ हफ्तों बाद पहली तस्वीर भेजी थी। कुछ महीनों बाद इसने पृथ्वी के साथ अपनी एक सेल्फी भी भेजी थी, जिसमें उसकी गुप्त डिजाइन की झलक दिखाई दी थी।
469219 कामो’ओलेवा के बारे में जानें – पृथ्वी के इस रहस्यमयी चांद (छुद्रग्रह) का नाम 469219 कामो’ओलेवा है। इसे 2016 HO3 या केवल कामो’ओलेवा के नाम से भी जाना जाता है। यह पृथ्वी के निकट स्थित एक क्षुद्रग्रह है जिसकी खोज 2016 में हवाई के हालेकाला वेधशाला के खगोलविदों ने की थी। इसका व्यास 130 से 330 फीट (40 से 100 मीटर) के बीच है और यह हमारे ग्रह का एक “अर्ध-उपग्रह” है, जिसका अर्थ है कि यह पृथ्वी के साथ-साथ सूर्य की परिक्रमा कर रहा है।
नवंबर् 2027 में पृथ्वी पर होगी वापसी – अंतरिक्ष वैज्ञानिक एंड्रयू जोन्स ने बताया है कि तियानवेन-2 के 7 जून को कामो’ओलेवा के पास पहुंचा था। यह अंतरिक्ष यान 4 जुलाई को कामो’ओलेवा की सतह पर लैंडिंग करेगा और उसकी सतह से नमूनों को जुटाने का काम भी शुरू कर देगा। इसके लिए यह चीनी अंतरिक्ष यान एक अभूतपूर्व ड्रिलिंग तकनीक का उपयोग करेगा। पृथ्वी पर इसकी वापसी की समयसीमा की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि अगर यह मिशन सफल रहा तो यह निर्धारित समय-सीमा के अनुसार नमूने 29 नवंबर, 2027 को पृथ्वी पर वापस लौटेगा।