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इजरायल-हिजबुल्ला में सीजफायर, लेबनान में लौटेगी शांति, क्या अमेरिकी दबाव काम कर गया?


इजरायल और चरमपंथी समूह हिजबुल्ला शुक्रवार को अपने युद्धविराम को आगे बढ़ाने पर सहमत हो गए। स्विट्जरलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली बातचीत के लड़ाई के कारण टल जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी। तीन अधिकारियों ने दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने की जानकारी दी। इन तीन अधिकारियों में दो क्षेत्रीय और एक अमेरिकी अधिकारी हैं। क्षेत्रीय अधिकारियों ने बताया कि इस समझौते में कतर, अमेरिका और ईरान ने मध्यस्थता की। इजरायल और हिजबुल्ला ने इस संबंध में तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की।
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि युद्धविराम शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार शाम 4 बजे से शुरू होने वाला था। उन्होंने कहा, “हिजबुल्ला और इजरायल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं।” उसने नाम न छापने की शर्त पर यह भी कहा कि अमेरिका और कतर के वार्ताकारों ने ईरान की मदद से यह समझौता कराया। उसने कहा, “हमें पता चला है कि आज सुबह हुई गोलीबारी के बाद, इजरायल और हिजबुल्ला के बीच युद्धविराम हो गया है।”
आईडीएफ ने भी जारी किया बयान – इस बीच शुक्रवार दोपहर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, आईडीएफ के प्रवक्ता ने कहा कि जब तक उसे कोई अलग निर्देश नहीं मिलते, आईडीएफ लेबनान में अपना अभियान जारी रखेगी। उन्होंने कहा, “हाल की घटनाओं ने एक बात स्पष्ट कर दी है: आईडीएफ सैनिकों को हिजबुल्लाह और इजरायली नागरिकों के बीच खड़ा होना होगा। हम अपने घरों तक अगले हमले का इंतजार नहीं करेंगे। हम तत्काल खतरों को दूर करना जारी रखेंगे, हिजबुल्ला के उल्लंघनों का जवाब देंगे और अपने नागरिकों की रक्षा के लिए जो भी आवश्यक होगा वह करेंगे।”
इजरायल ने हिजबुल्ला पर हमला रोका – सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को इससे पहले, अमेरिका ने मध्यस्थों के माध्यम से ईरान को यह संदेश दिया कि इजरायल हिजबुल्ला के खिलाफ अपने हमले जारी नहीं रखेगा। सीएनएन के सूत्रों के अनुसार, इजरायल फिलहाल हिजबुल्ला पर हमले जारी नहीं रखेगा। इस बीच इजरायल ने गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह को लेबनान में बड़े पैमाने पर हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमले किए हैं। इजरायल का कहना है कि यह हिजबुल्ला के हमले और उसके चार सैनिकों की मौत का जवाब है।
अमेरिका ने इजरायल को दी थी चेतावनी – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से लेकर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस लेबनान पर हमलों को लेकर इजरायल को धमका रहे थे। ट्रंप ने कई मौकों पर कहा है कि इजरायल को छोटी-छोटी बातों के लिए लेबनान पर हमले नहीं करने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि पूरी बिल्डिंग को गिराना उचित नहीं है। उन्होंने इजरायल से अमेरिका-ईरान शांति समझौते का सम्मान करने को भी कहा था। वहीं, जेडी वेंस ने कहा था कि इजरायल को अमेरिका की बात माननी चाहिए, क्योंकि ट्रंप ही आपके इकलौते दोस्त हैं।