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समुद्र में परमाणु महायुद्ध की तैयारी? किम जोंग उन ने नौसेना को परमाणु बमों से लैस करने का किया ऐलान


उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने कहा कि उनका देश ‘नौसेना को परमाणु हथियारों से लैस कर रहा है’। उत्तर कोरिया के तानाशाह ने इसके अलावा 10,000 टन वजनी युद्धपोत बनाने की योजना का भी ऐलान किया है। उत्तर कोरिया की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक यह बात मंगलवार को नाम्पो बंदरगाह शहर में ‘चो ह्योन’ नाम के युद्धपोत को सेवा में शामिल करने के दौरान कही गई। ‘चो ह्योन’ उन दो 5,000 टन वजनी युद्धपोतों में से एक है जिन्हें परमाणु हथियार संपन्न इस देश ने पिछले साल लॉन्च किया था।
साउथ चायना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक किम जोंग उन ने समारोह में कहा ‘नौसेना को परमाणु हथियारों से लैस करने का कार्यक्रम अपनी तय योजना के अनुसार सही ढंग से आगे बढ़ रहा है।’ उन्होंने कहा ‘यह बहुत अहम रणनीतिक कदम है क्योंकि इससे हमारे देश की परमाणु ताकत को कई तरह के और असरदार ऑपरेशन के लिए तैयार रखना मुमकिन हो सकेगा।’
नौसेना को परमाणु हथियारों से लैस करेगा उत्तर कोरिया – उत्तर कोरिया पहले ही कह चुका है कि ‘चो ह्योन सबसे शक्तिशाली हथियारों से लैस’ है। किम ने इस साल इस श्रेणी के जहाजों का कई बार निरीक्षण किया है जिसमें अप्रैल में ‘चो ह्योन’ से क्रूज मिसाइल के परीक्षण की निगरानी करना भी शामिल है। किम ने अपने भाषण में कहा ‘चो ह्योन के बाद हम जल्द ही ऑपरेशन के लिए डिस्ट्रॉयर ‘कांग कोन’ को तैनात करेंगे। इसके बाद हम एक के बाद एक 10,000 टन के रणनीतिक युद्धपोत लॉन्च करेंगे।’
उन्होंने आगे कहा कि उनकी योजना के तहत उत्तर कोरिया को ‘हर साल दो ऐसे सरफेस शिप (सतह पर चलने वाले जहाज) बनाने चाहिए जो चो ह्योन से बेहतर श्रेणी के हों जिनमें 10,000 टन का क्रूजर भी शामिल हो।’ सोमवार को खत्म हुई पार्टी की तीन दिन की पूर्ण बैठक में किम ने रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की कसम खाई। उन्होंने दक्षिण कोरिया और अमेरिका की सैन्य आधुनिकीकरण की कोशिशों का हवाला देते हुए कहा कि ये कोशिशें इलाके को ‘परमाणु युद्ध के कगार पर’ धकेल रही हैं।
उत्तर कोरिया का परमाणु कार्यक्रम क्या है? – उत्तर कोरिया के पास दर्जनों परमाणु हथियार और उसने उन्हें दागने वाली मिसाइलें विकसित की हैं। यह कार्यक्रम मुख्य रूप से अमेरिका और उसके सहयोगियों (दक्षिण कोरिया और जापान) से अपनी संप्रभुता की रक्षा करने के मकसद से चलाने का दावा किया जाता है। उत्तर कोरिया खुद को एक आधिकारिक परमाणु-सशस्त्र देश घोषित कर चुका है और उसने अपने संविधान में भी इसका उल्लेख किया है।
SIPRI की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर कोरिया के पास वर्तमान में लगभग 50 से 60 परमाणु हथियार होने का अनुमान है। इसके पास हर साल 6 से 7 नए हथियार बनाने के लिए विखंडनीय सामग्री (फिसाइल मटेरियल) मौजूद है। उत्तर कोरिया अपने न्योंगब्योंग परमाणु परिसर में प्लूटोनियम और अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (HEU) का उत्पादन करता है। उत्तर कोरिया ने कई अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBMs) बनाई हैं। इनमें ह्वासोंग-17 और ठोस ईंधन से चलने वाली ह्वासोंग-18 शामिल हैं जिनकी मारक क्षमता 15,000 किलोमीटर से ज्यादा है। यह मिसाइलें अमेरिका के मुख्य भूभाग तक परमाणु हमला करने में सक्षम हैं।