अर्जेंटीना के राष्ट्रपति मौरिसियो मार्की और वर्ष 1986 विश्वकप विजेता टीम के कप्तान अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना ने अंतराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने वाले हमवतन लियोनल मैसी से आग्रह किया है कि वह संन्यास लेने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करें और राष्ट्रीय टीम को न छोड़ें।
बार्सिलोना के स्टार फुटबालर मैसी ने कोपा अमेरिका कप फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल में चिली के खिलाफ मिली हार के बाद 29 वर्ष के उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का फैसला कर लिया। मैसी के इस फैसले से अर्जेंटीनी फुटबॉल में हलचल मच गई क्योंकि लोग रुस में होने वाले 2018 विश्व कप में उनसे फाफी उम्मीदें लगाए बैठे थे।
पहले मैसी की आलोचना कर चुके माराडोना ने अब उनके बचाव में सामने आते हुये कहा कि मैसी को अभी अपनी टीम के लिये अवश्य खेलते रहना चाहिये। उनमें अभी काफी खेल बचा हुआ है और उन्हें अपनी टीम के लिए बहुत कुछ करना बाकी है। वह अर्जेंटीना को विश्व चैंपियन बनाने रूस जायें। मैं नहीं चाहता हूं कि वह फुटबॉल को अलविदा कहे।
दो विश्वकप में अर्जेंटीना का प्रतिनिधित्व करने वाले माराडोना ने कहा कि मैं उन लोगों के सख्त खिलाफ हूं जिन्होंने उन्हें संन्यास के लिये उकसाया। दक्षिण अफ्रीका में 2010 में हुए विश्वकप में मैसी और अर्जेंटीना के कोच रह चुके माराडोना ने कहा कि मैसी से अर्जेंटीना को बहुत उम्मीदें हैं और हम चाहते हैं कि वह टीम का नेतृत्व करते रहें।
अर्जेंटीना के राष्ट्रपति मौरिसियो मार्की ने भी पांच बार के विश्व के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर रह चुके मैसी से अर्जेंटीनी टीम में बने रहने की अपील की। राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति ने मैसी को फोन किया और बताया कि वह राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन पर कितना गर्व महसूस करते हैं और उनसे कहा कि वह आलोचनाओं पर ध्यान न दें।
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