
बेंगलुरू: टीम इंडिया के क्रिकेटर अमित मिश्रा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने मंगलवार को मिश्रा के खिलाफ निचली अदालत में सुनवाई पर लगाई अपनी अंतरिम रोक को हटाकर झटका दे दिया है। एक महिला ने सितंबर 2015 में मिश्रा पर शहर के एक होटल में उनके साथ शरीरिक उत्पीडऩ और अपशब्द कहने का अरोप लगाया था।
न्यायमूर्ति बयरारेड्डी ने इस आधार पर स्टे हटा दिया कि इससे सुनवाई अदालत में होने वाली सुनवाई पर असर पड़ रहा है। उन्होंने मिश्रा को अदालत के समक्ष पेश होने और अपना पक्ष रखने को कहा है। क्रिकेटर ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके ट्रायल अदालत में सुनवाई को रद्द करने की मांग की थी और उन्हें अंतरिम राहत मिली थी। शहर की पुलिस ने अक्तूबर 2015 में बेंगलुरू में मिश्रा को गिरफ्तार किया था और इसके बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था।
क्या है मामला?
रिपोट्र्स के मुताबिक, महिला बॉलीवुड में प्रोड्यूसर महिला वंदना जैन ने पिछले साल अमित मिश्रा पर शरीरिक उत्पीडऩ और अपशब् कहने का आरोप लगाया था। महिला ने बताया था कि वह मिश्रा को चार साल से जानती थी। शिकायत अशोक नगर पुलिस थाने में 27 सितंबर को दर्ज कराई गई थी। घटना कथित तौर पर बेंगलुरु में इंडियन टीम के ट्रेनिंग कैंप के दौरान हुई। यह कैंप साउथ अफ्रीका के साथ खेली जा रही सीरीज से पहले लगा था। महिला ने बताया था कि मिश्रा से उसके ताल्लुक काफी अच्छे थे, लेकिन बाद में वे उससे मिलने से कतराने लगे। 25 सितंबर को वह अमित मिश्रा के कमरे में पहुंची। मिश्रा जब कमरे में आए, फिर दोनों में झगड़ा हुआ। महिला का आरोप था कि इसके बाद मिश्रा ने उसकी पिटाई की। उसे चाय की केतली फेंककर भी मारी।
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