
रूस की प्राइवेट आर्मी मानी जाने वाली वैगनर ग्रुप का राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ विद्रोह भले ही खत्म हो गया हो. लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है. वैगनर ग्रुप के विद्रोह के अंत के बाद रूस में अजीब तरह का सन्नाटा छाया हुआ है. पुतिन के खिलाफ बगावत की बिगुल फूंकने वाले वैगनर ग्रुप के मुखिया येवगेनी प्रिगोझिन बीते 24 घंटे से ज्यादा समय से नजर नहीं आए हैं. इसके साथ ही रूसी राष्ट्रपति को भी पिछले 24 घंटे में सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है.
गौरतलब है कि 24 घंटों पहले पुतिन की सेना और वैगनर ग्रुप के लड़ाके आमने सामने थे. प्रिगोझिन के लड़ाके मास्को की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे थे. लेकिन शाम होते-होते वैगनर के चीफ येवगेनी प्रिगोझिन ने पीछे हटने का ऐलान कर दिया .उन्होंने कहा कि अब उनके लड़ाके मॉस्को की तरफ नहीं बढ़ेंगे. रूस से समझौते के बाद वे वापस लौट गए. हालांकि इन सब के बीच पुतिन की अजेय छवि को बेहद नुकसान हुआ.
वैगनर सैनिकों के परिवार को दी गई धमकियां – एक्सपर्ट के अनुसार, अचानक कदम पीछे खींचने के साथ ही अब वैगनर भविष्य में कुछ योजना बना रहा है. द सन की रिपोर्ट के अनुसार, प्रिगोझिन के विद्रोह के बीच रूसी खुफिया सेवाओं ने वैगनर सैनिकों के परिवारों को धमकी दी थी. जिस वजह से आनन फानन में बागी हुए लड़ाके पीछे हट गए. रिपोर्ट के अनुसार, इस बात का कोई संकेत नहीं है कि वैनगर प्रमुख क्रेमलिन के साथ अपने गुप्त समझौते के बाद कहां हैं, हालांकि खुफिया रिपोर्ट के अनुसार वे बेलारूस पहुंचे हैं. प्रिगोझिन की प्रेस टीम ने एक बयान में कहा कि फिलहाल उनसे संपर्क नहीं किया जा सकता है. लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि संपर्क होने पर वह सभी सवालों का जवाब देंगे.
पुतिन को देना होगा जवाब: अमेरिका – रूस के बदले घटनाक्रम पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई थीं. पहले भी विश्व के दिग्गज नेताओं ने रूस में हुए विद्रोह पर प्रतिक्रिया दी है. अब अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि वैगनर समूह का विद्रोह राष्ट्रपति पुतिन के लिए एक सीधी चुनौती है. हम अनुमान नहीं लगा सकते या ठीक-ठीक नहीं जान सकते कि यह कहां जाने वाला है. हम जानते हैं कि पुतिन को आने वाले हफ्तों और महीनों में जवाब देने के लिए और भी बहुत कुछ है. बता दें कि अमेरिका को कई दिन पहले खुफिया जानकारी मिली थी कि प्रिगोझिन रूसी रक्षा अधिकारियों के खिलाफ सशस्त्र कार्रवाई करने की साजिश रच रहा था.
Home / Uncategorized / वैनगर के विद्रोह के बाद कहां हैं पुतिन और प्रिगोझिन, आखिर रूस में क्यों छाया है सन्नाटा ? 48 घंटे से दोनों ‘गायब’
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