
राजधानी दिल्ली में इस वीकेंड होने वाले ब्रिक्स समिट से पहले 11 ब्रिक्स सदस्य देशों के शेरपाओं ने रविवार और सोमवार को बैठक की। बैठक में ‘दिल्ली घोषणापत्र’ को अंतिम रूप देने और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बारे में संयुक्त बयान में क्या कहा जाए, इस पर मतभेदों को दूर करने का प्रयास किया गया।
हमारे सहयोगी इकोनॉमिक्स टाइम्स के सूत्रों के अनुसार, इस बैठक का मकसद ईरान और UAE के बीच पिछली बैठकों में उभरे मतभेदों को दूर करने के तरीके खोजना और वेस्ट एशिया युद्ध तथा फिलिस्तीन की स्थिति पर एक साझा बयान पर सहमत होना था। इससे पहले UAE और ईरान के बीच मतभेदों के कारण ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों और व्यापार मंत्रियों की बैठक में कोई संयुक्त बयान जारी नहीं हो सका था। ऐसे में भारत की मेजबानी में होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले संगठन के भीतर एकजुटता सुनिश्चित करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
घोषणा पत्र में पश्चिम एशिया-फिलिस्तीन मुद्दे का हो सकता है जिक्र – जानकारी के अनुसार, दिल्ली घोषणा पत्र में पश्चिम एशिया युद्ध और फिलिस्तीन से जुड़े मुद्दों का जिक्र किए जाने की संभावना है। भारत ने ब्रिक्स घोषणापत्र में आतंकवाद-रोधी कड़े उपायों और संयुक्त राष्ट्र समेत बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधारों को शामिल करने पर भी जोर दिया है।
घोषणापत्र में एकतरफा प्रतिबंध का भी मुद्दा – बैठक में कई देशों द्वारा लगाए गए एकतरफा प्रतिबंधों के बारे में घोषणापत्र में शामिल किए जाने वाले प्रावधानों पर भी काम कर रहा है। इसके अलावा BRICS देशों के बीच राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने और BRICS के न्यू डेवलपमेंट बैंक की भविष्य की परियोजनाओं पर भी शिखर सम्मेलन में चर्चा होगी।
सप्लाई चेन का मुद्दा रहेगा अहम – BRICS का 18वां शिखर सम्मेलन संगठन की स्थापना के 20 वर्ष पूरे होने के मौके पर हो रहा है। सम्मेलन में आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। ऊर्जा, मजबूत और टिकाऊ सप्लाई चेन, स्टार्टअप, इनोवेशन फंड और MSMEs के अंतरराष्ट्रीय विस्तार जैसे विषय एजेंडे में प्रमुख रहेंगे।
वैश्विक संघर्षों के कारण सप्लाई चेन पर बढ़ते दबाव के बीच BRICS शिखर सम्मेलन में ‘ब्रिक्स लॉजिस्टिक्स सप्लाई-चेन कोऑपरेशन फ्रेमवर्क’ को अपनाए जाने की भी उम्मीद है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच परिवहन लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को अधिक मजबूत, कुशल, टिकाऊ और संकटों के प्रति लचीला बनाना है।
Home / News / India / पश्चिम एशिया युद्ध को लेकर ब्रिक्स शेरपाओं की बैठक, दिल्ली घोषणापत्र पर हुई चर्चा; पिछली बार ईरान-UAE में हो गया था विवाद
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