
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू भारत विरोधी रुख के लिए जाने जाते हैं। चुनाव प्रचार में ‘इंडिया आउट’ का नारा देते हुए इस अभियान का उद्देश्य अपने देश में भारतीय प्रभाव को कम करना बताया था। सत्ता में आने के बाद भी मुइज्जू ने स्पष्ट तौर पर अपना झुकाव भारत की बजाय चीन की ओर रखा है।
भारत ने मालदीव को राहत देते हुए 50 मिलियन अमरीकी डॉलर का कर्ज फिलहाल स्थगित कर दिया है। भारत सरकार ने मालदीव का फूड कोटा भी बढ़ाने का फैसला लिया है। मालदीव के 59वें स्वतंत्रता दिवस (26 जुलाई) के अवसर पर हुए एक समारोह में बोलते हुए राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने खुद ये जानकारी दी है। मुइज्जू ने कहा कि भारत ने पहले ही 50 मिलियन डॉलर का कर्ज पोस्टपोन कर दिया है। साथ ही भारत सरकार की ओर से फूड कोटा भी अगले दो वर्षों के लिए बढ़ाया गया है।
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने पद संभालने के बाद भारत विरोधी रुख दिखाया था लेकिन कुछ समय बाद उनके तेवर बदल गए थे। इस साल मार्च में मुइज्जू ने भारत को मालदीव का निकट सहयोगी कहते हुए ऋण राहत प्रदान करने का आग्रह किया था। बीते साल के अंत तक मालदीव पर भारत का करीब 400.9 मिलियन डॉलर बकाया था।
भारत और मालदीव के संबंध -पिछले साल नवंबर में राष्ट्रपति बनने के बाद से चीन समर्थक मोहम्मद मुइज्जू ने भारत के प्रति सख्त रुख अपनाया। राष्ट्रपति पद पर बैठने के कुछ ही घंटों के भीतर ही उन्होंने मांग की थी कि तीन विमानन प्लेटफार्मों का संचालन करने वाले भारतीय सैन्य कर्मियों को उनके देश से वापस बुलाया जाए। हालांकि इस साल दुबई में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के बाद उनके रुख में बदलाव दिखा था। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि मालदीव ने भारत से महत्वपूर्ण ऋण लिया है, जो मालदीव की अर्थव्यवस्था के वहन से कहीं अधिक है। ऐसे में हम मालदीव की आर्थिक क्षमताओं के अनुसार ऋण चुकाने के विकल्प तलाशने के लिए भारत सरकार के साथ चर्चा कर रहे हैं।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website