
यूरोपीय कमीशन की उपाध्यक्ष काजा कल्लास की इस्लामाबाद यात्रा के दौरान पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर का मसला उठाया है। सोमवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तान और यूरोपीय यूनियन की 9वीं रणनीतिक वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में इसका जिक्र किया गया है। इस बयान की भाषा में ऐसी कई बाते हैं, जो भारत के लिए नागवार हो सकती हैं। काजा कल्लास ने सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की।
EU-पाकिस्तान का संयुक्त बयान – सोमवार को काजा कल्लास ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार के साथ 8वीं पाकिस्तान-यूरोपीय यूनियन रणनीति वार्ता की सह अध्यक्षता की, जिसके बाद एक संयुक्त बयान जारी किया गया। इस बयान के 11वें पॉइंट में कहा गया, “पाकिस्तान पक्ष ने जम्मू और कश्मीर के मुद्दे पर जानकारी दी। EU पक्ष ने यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध के बारे में जानकारी दी। दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर सिद्धांतों के अनुसार, बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।”
पाकिस्तान की भाषा बोल रहा EU? – विशेषज्ञों ने संयुक्त बयान के इस पाठ को भारत के लिए बेहद आपत्तिजनक बताया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस भाषा को स्वीकार करके, EU यह मान लेता है कि जम्मू और कश्मीर एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है, जिसे पाकिस्तान और किसी तीसरे पक्ष के बीच संयुक्त बयान में वैध रूप से शामिल किया जा सकता है। इसका मतलब है कि जम्मू और कश्मीर क्षेत्रीय रूप से एक अनसुलझा मुद्दा है।
भारत का स्पष्ट रुख है कि जम्मू और कश्मीर भारत का एक अभिन्न अंग है, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाला हिस्सा (PoK) भी शामिल है। EU-पाकिस्तान के संयुक्त बयान में एक और आपत्तिजनक बात है कि यूक्रेन और जम्मू-कश्मीर को साथ लाकर समानता स्थापित करने की कोशिश की गई है। इसका मतलब है कि यूरोपीय यूनियन जम्मू-कश्मीर को एक संघर्ष मान रहा है, जो कि पाकिस्तान की शब्दावली है।
काजा कल्लास ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शक्ति – यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने सोमवार को पाकिस्तान के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व से मुलाकात की और इस्लामाबाद को एक क्षेत्रीय शक्ति बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “पाकिस्तान एक प्रमुख क्षेत्रीय शक्ति है और EU के लिए महत्वपूर्ण साझेदार है।” कल्लास ने बताया कि उन्होंने सोमवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश मंत्री इशाक डार के साथ मुलाकात की, ताकि EU-पाकिस्तान संबंधों को मजबूत बनाने पर चर्चा की जा सके।
वह रावलपिंडी स्थित सेना के मुख्यालय में भी गईं, जहां पाकिस्तान आर्मी चीफ सैयद असीम मुनीर से भी मुलाकात की। कल्लास ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान की भूमिका की तारीफ की।
Home / Uncategorized / कश्मीर पर EU ने बोली पाकिस्तानी भाषा? भारत की क्यों टेंशन बढ़ा रहा पाकिस्तान और यूरोपियन यूनियन का संयुक्त बयान, समझें
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