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किम जोंग की 33 साल की बहन यो दुनिया की पहली महिला तानाशाह बन सकती हैं, द. कोरिया की सीमा पर बने ऑफिस को इन्होंने ही उड़वाया


किम यो-जोंग दुनिया की पहली महिला तानाशाह बनने की राह पर हैं। वह उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग-उन की छोटी बहन हैं। वह अपने भाई-बहनों में अकेली हैं, जिन्हें किम जोंग-उन का करीबी और ताकतवर सहयोगी माना जाता है। किम यो जोंग पहली बार 2018 में चर्चा में आईं, जब उन्होंने दक्षिण कोरिया का दौरा किया। यहां वो शीतकालीन ओलंपिक में अपनी टीम के साथ आई नजर आई थीं। इस दौरे के बाद किम यो-जोंग ने दक्षिण कोरिया को लेकर काफी आक्रामक तेवर दिखाए थे।

आक्रमक तेवर के लिए जानी जाती हैं
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन को लेकर किम यो-जोंग तीखे बयान दे चुकी हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने दक्षिण कोरिया सीमा पर सेना भेजने की धमकी दी थी। उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया की सीमा पर बने साझा दफ्तर को ध्वस्त करवा दिया। दोनों देशों के बीच कम्युनिकेशनल चैनल भी काट दिया है।
किम यो-जोंग, किम जोंग-इल की सबसे छोटी बेटी हैं। 1987 में जन्मीं किम यो-जोंग अपने भाई किम जोंग-उन से उम्र में चार साल छोटी हैं। हालांकि इनके जन्म को लेकर भी अलग-अलग राय है। अमेरिका कहता है कि उनका जन्म 1989 में हुआ था। दक्षिण कोरिया 1988 बताता है। जोंग के पिता के शेफ के अनुसार, किम यो-जोंग का जन्म 1987 में हुआ था।
2018 में किम यो जोंग अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से मिली थीं।
किम यो-जोंग कुछ समय से अपने भाई के साथ अक्सर देखी जाती हैं। वे रणनीति बनाने में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। लोगों का ऐसा मानना है कि वे उत्तर कोरिया की अगली शासक बन सकती हैं। इसके पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि दोनों भाई-बहन किम यो-जोंग और किम जोंग-उन ने बर्न (स्विट्जरलैंड) में साथ रहकर पढ़ाई की है। दोनों भाई-बहन के बीच काफी अच्छी बॉन्डिंग है। जोंग उन अपनी बहन पर सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं।
बीते दो साल से किम जोंग अपनी बहन किम यो को अंतरराष्ट्रीय बैठकों में साथ लेकर जा चुके हैं। 2018 में वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मिलने के लिए गए थे, तो भी बहन उनके साथ थीं।
ऐसा कहा जाता है कि उनके पिता ने 2002 में कहा था कि किम यो-जोंग राजनीति में रुचि रखतीं हैं और सरकार में अपना करियर बनाना चाहतीं हैं। आने वाले अगले कुछ सालों में क्या होगा? इसके बारे में तो अभी कुछ ज्यादा नहीं कहा जा सकता, लेकिन ऐसा माना जाता है कि किम जोंग-इल की मौत के बाद उन्होंने अपने भाई की सत्ता बढ़ाने में काफी मदद की थी।
किम जोंग के अचानक गायब हो जाने के बाद चर्चा में आईं
इस साल अप्रैल में किम जोंग-उन अचानक ही कुछ हफ्तों के लिए सार्वजनिक जीवन से दूर हो गए थे। इसके बाद उनकी बहन के उत्तराधिकारी बनने की बातें शुरू हो गईं। इससे पहले 2014 में भी जब किम जोंग-उन अचानक सार्वजनिक जीवन से गायब हो गए थे, तब भी इस तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं।
किम यो जोंग को पहली बार 2010 में सार्वजनिक तौर पर देखा गया था। उसके अगले साल यानी 2011 में उन्हें अपने पिता के अंतिम संस्कार में देखा गया था। तीन साल पहले अमेरिका ने मानवाधिकार हनन के आरोप में उन पर बैन लगा दिया। ऐसा कहा जाता है कि किम जोंग उन ने उसके सौतेले भाई किम जोंग नाम को खत्म करने का आदेश दिया था।
उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन के तीन बच्चे हैं। तीनों की उम्र कम है। सबसे बड़ा बेटा दस साल का है। इसलिए यह माना जा रहा है कि किम यो जोंग को जिम्मेदारी दी जा सकती है। किम भाई-बहन यो जोंग की इमेज महिला होने के बावजूद एक मजबूत नेता के रूप में बनाने की कोशिश में लगे हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो एक चीज तो साफ है कि एक नई किम तैयार हो रही हैं। वह देखने में संकोची हो सकती हैं, लेकिन दुनिया के सबसे क्रूर तानाशाही शासन को बनाए रखने के लिए अपने भाई की तरह ही समर्पित हैं।