
पूर्वी लीबिया में एक सैन्य अदालत ने आतंकवाद से संबंधित दोषों पर एक स्थानीय फोटो पत्रकार को 15 साल की जेल की सजा सुनाई जिसकी मानवाधिकार समूहों ने शुक्रवार को आलोचना की। प्रेस की आजादी के लिए काम करने वाले वैश्विक समूह ‘कमिटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स’ ने बताया कि इस्माइल बोजरीबा अल-ज्वे (39) को उसके गृह नगर अज्दाबिया में एक स्थानीय कार्यक्रम कवर करते समय सुरक्षा एजेंटों ने पकड़ लिया था।
उस पर अल-नबा के लिए काम करने का आरोप है जो तुर्की से प्रसारित होने वाला निजी लीबियाई समाचार चैनल है जिसे पूर्वी लीबियाई अधिकारी इस्लामी ‘‘आतंकवाद” से जुड़ा हुआ मानते हैं। लीबिया के ज्यादातर पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों की तरह अज्दाबिया भी सैन्य कमांडर खलीफा हफ्तार के नियंत्रण में है जिन्होंने देश से इस्लामी मिलिशिया के खात्मे का आह्वान किया है। हफ्तार की सेना के प्रवक्ता ने पत्रकार की सजा पर टिप्पणी नहीं की।
वहीं लीबिया के तीन प्रेस संगठनों ने शुक्रवार को एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि उन्हें मई में गोपनीय तरीके से चले मुकदमे के बारे में अभी पता चला जिसमें एक सैन्य अदालत ने अल-ज्वे को आतंकवाद का समर्थन करने वाले एक टीवी चैनल के लिए काम करने के जुर्म में 15 साल की जेल की सजा सुनाई। पत्रकार को अपने वकील से बात करने या परिवार को सूचित करने से रोक दिया गया।
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