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रिलायंस की ऑयल रिफाइनरी देखेंगे मार्को रुबियो, अमेरिकी विदेश मंत्री के जामनगर दौरे से पहले ठंडे पड़े मस्क के तेवर


एलन मस्क के तेवर अब नरम होते दिख रहे हैं। कुछ दिनों पहले मुकेश अंबानी को भारत का प्रधानमंत्री बताने वाले दुनिया के सबसे अमीर आदमी मस्क अब सुलह की बातें कर रहे हैं। स्टारलिंक और टेस्ला के CEO के ह्रदय परिवर्तन की टाइमिंग बेहद दिलचस्प है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो एक दिन बाद ही भारत के दौरे पर आ रहे हैं। उनके इस टूर की सबसे खास बात यह है कि वह गुजरात भी जाएंगे। रुबियो जामनगर में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी का विजिट करेंगे। इस रिफाइनरी के मालिक वही मुकेश अंबानी हैं, जिन पर एलन मस्क ने टिप्पणी की थी।
एक तरफ अमेरिकी विदेश मंत्री का जामनगर दौरा हो रहा है तो वहीं दूसरी तरफ एलन मस्क ने रिलायंस के जवाब की सराहना की है। रियायंस ने अपने जवाब में कहा था कि वह स्टारलिंक सहित सैटेलाइट कम्युनिकेशन की फील्ड में सभी की प्रतिस्पर्धा का स्वागत करते हैं। सभी को भारत के कानूनों और नियमों का पालन करना चाहिए और इसमें जियो भी शामिल है। भारत सरकार ने भी कहा है कि भारतीय के साथ-साथ विदेशी आवेदनकर्ता पर भी एक सी प्रक्रिया लागू होती है। जियो भी मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहा है।
भारत में नेटवर्क तैयार किया – हमने भारत में रेगुलेटर्स, इंडस्ट्री और ऑपरेटर्स के साथ 5 साल से ज्यादा समय तक मिलकर काम किया है। भारत में ही समर्पित सिस्टम, गेटवे और अन्य बुनियादी ढांचे का एक नेटवर्क तैयार किया है, ताकि भारतीय ट्रैफिक को सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से सेवा दी जा सके। यह सब जरूरी सरकारी मंजूरी के साथ किया गया है। स्टारलिंक भारत को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने के लिए तैयार है।
सैटेलाइट इंटरनेट क्यों जरूरी? – भारत सरकार 3 कंपनियों को लाइसेंस दे चुकी है। तीनों ही सैटकॉम (सैटेलाइट कम्युनिकेशन) सेवा शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। इससे दूर-दराज के इलाकों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने में मदद मिलेगी, जहां जमीनी बुनियादी ढांचा बिछाना संभव नहीं है। स्टारलिंक को मिली मंजूरी को भारत-अमेरिका के व्यापक संबंधों के एक हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। इसमें कई बातें शामिल हैं, जैसे कि व्यापार समझौता और रूसी तेल खरीदने पर टैरिफ (शुल्क) लगाए जाने का खतरा।a