
हर दूसरे सप्ताह कोई ना कोई मुझसे एक सवाल जरूर करता है कि लैपटॉप ऑनलाइन खरीदूं या स्टोर पर जाकर। ज्यादातर लोग शॉपिंग से पहले इस बारे में डिस्कस करते हैं। मंगलवार को टिप्सटर अभिषेक यादव ने एक वीडियो भी शेयर किया है जिसमें ऑनलाइन मंगाए गए एक लैपटॉप के डिस्प्ले में डिफेक्ट निकला। उसे कस्टमर केयर पर कोई मदद नहीं मिली। मैंने ऑनलाइन भी लैपटॉप लिया है और ऑफलाइन कई लोगों को लैपटॉप खरीदवाया है। अपने अनुभव के आधार पर मैं स्टोर से लैपटॉप खरीदने की सलाह दूंगा, लेकिन कई मामलों में ऑनलाइन शॉपिंग भी अच्छा ऑप्शन साबित होती है। कैसे? जानने के लिए पूरा आर्टिकल पढ़ें।
ऑफलाइन लैपटॉप लेने के फायदे और नुकसान – पिछले महीने मैंने अपने मामा की बेटी को नया लैपटॉप दिलवाया। उसे 14 इंच का एक लाइटवेट लैपटॉप चाहिए था और उसका बजट 1 लाख रुपये के अंदर ही था। हमने ऑनलाइन कई मॉडल देखे लेकिन मेरी बहन डिवाइस खरीदने से पहले उसे एक्सपीरियंस भी करना चाहती थी।
ऑफलाइन लैपटॉप लेने का पहला फायदा यही है कि आप स्टोर पर जाकर डिवाइस को एक्सपीरियंस करके देख सकते हैं। हम लक्ष्मी नगर में लैपटॉप कंपनियों के अलग-अलग स्टोर्स पर गए। नए-नए मॉडलों को चेक किया। आखिर में हमने HP का लैपटॉप फाइनल किया।
ऑफलाइन लेने के बेनिफिट्स : ऑफलाइन लैपटॉप लेने का सबसे बड़ा बेनिफिट मेरे लिए यही था कि लैपटॉप को हम खरीदने से पहले एक्सपीरियंस कर पाए थे।
बहुत से लोगों को लगता है कि स्टोर्स पर डिस्काउंट अच्छा नहीं मिलता, लेकिन हमने जिस मॉडल को खरीदा, उस पर मौजूदा प्राइस पर 5 हजार रुपये का डिस्काउंट यूपीआई पेमेंट करने पर मिल रहा था। जबकि कार्ड डिस्काउंट सिर्फ 2500 रुपये था।
कुल मिलाकर HP का 14 इंच 16 जीबी रैम और 512 जीबी स्टोरेज मॉडल 2026 का मुझे 72 हजार रुपये में मिल गया।
इसके साथ ही 1999 रुपये में 2 साल की एडिशनल वॉरंटी भी ली। लैपटॉप के साथ जरूरी एक्सेसरीज जैसे- बैग, माउस, कीबोर्ड पैड और क्लीनर भी मिला।
ऑफलाइन लेने का नुकसान: हालांकि ऑफलाइन खरीदरी करते वक्त स्टोर मालिक ने मुझे बताया कि ज्यादातर स्टोर्स पर नए मॉडल्स की सेल होते हैं। ऐसे में अगर किसी ग्राहक को 2025 या 2024 का मॉडल खरीदना है तो वह नहीं मिलेगा और ऑनलाइन उन मॉडल्स पर अच्छा डिस्काउंट मिल जाता है। हालांकि एक्सपर्ट यही सलाह देते हैं कि लेटेस्ट मैन्युफैक्चरिंग वाला लैपटॉप खरीदना चाहिए।
ऑनलाइन लैपटॉप लेने के फायदे और नुकसान – बहुत से लोग ऑनलाइन लैपटॉप खरीदने को प्राथमिकता देते हैं। उनका मानना है कि ऑनलाइन ज्यादा अच्छी डील्स मिलती हैं और कम प्राइस में बढ़िया डिवाइस मिल जाती है। यह काफी हद तक सही भी है। फ्लिपकार्ट और एमेजॉन जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कई मॉडल काफी आकर्षक कीमतों में मिल जाते हैं। लेकिन वहां कुछ चुनौतियां भी हैं।
ऑनलाइन लैपटॉप खरीदने पर चुनौतियां: ऑनलाइन लैपटॉप खरीदने के बाद सारी जिम्मेदारी उस डिलिवरी बॉय के उपर होती है जो लैपटॉप लेकर आपके घर आता है। कई बार लोग तुरंत डिलिवरी बॉय के सामने डिवाइस ऑन करके नहीं देख पाते। उस स्थिति में लैपटॉप की स्क्रीन में कोई डैमेज होने पर परेशानियां आती हैं।
कई सेलर ऑनलाइन ऐसे मॉडलों को भी बिक्री के लिए ले आते हैं जो बहुत अधिक पुराने हैं या कंपनी ने उन्हें अपने ऑफिशियल स्टॉक से हटा दिया है या जो भारत में लॉन्च ही नहीं हुए।
ऑनलाइन लैपटॉप खरीदना कब फायदेमंद: ऐसे मॉडल जो पुराने हो गए हैं और ऑफिशियल स्टोर्स पर नहीं मिल रहे, उन्हें ऑनलाइन डिस्काउंट में खरीदना आसान होता है।
इसके अलावा, फेस्टिवल सेल में कार्ड डिस्काउंट के कई ऑप्शंस ऑनलाइन उपलब्ध होते हैं, जिससे लोगों के लिए डिस्काउंट के साथ शॉपिंग आसान हो जाती है।
तो फाइनल फैसला क्या हो? – अगर आप लेटेस्ट लॉन्च प्रोडक्ट लेना चाहते हैं तो ऑफलाइन यानी स्टोर पर जाकर या ब्रैंड की ऑफिशियल ऑनलाइन वेबसाइट से लैपटॉप खरीदें। वहां भी आपको डील्स और डिस्काउंट मिल जाएगा।
अगर आप पुराना मॉडल देख रहे हैं जो स्टोर पर उपलब्ध नहीं है और ऑनलाइन उस पर अच्छी डील मिल रही है, तब आप ऑनलाइन लैपटॉप खरीदने की योजना बनाएं।
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