
तुर्की के प्राचीन शहर हसनकेफ में 610 साल पुरानी एक मस्ज़िद को गाड़ी के जरिए एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया। इस मस्ज़िद का वज़न करीब 2,500 टन (करीब 23 लाख किलो) था। इतनी भारी मस्ज़िद को ले जाने के लिए कोई साधारण नहीं बल्कि 300 पहिए वाली एक रोबोट गाड़ी का इंतजाम किया गया। बता दें, ईयूबी मस्ज़िद तुर्की के चौथे सबसे बड़े बांध इलीसु को बनाने के लिए वहां से हटाकर हसनकेफ के न्यू कल्चर पार्क फील्ड में ले जाया गया।
हरियत डेली न्यूज़ के मुताबिक माना जा रहा था कि हसनकेफ शहर में बांध बनने की वजह से बाढ़ आ सकती है, जिस वजह से ये शहर पूरा डूब सकता है। इस मस्ज़िद के अवाला इस जगह पर ईसाईयों और मुस्लिमों के प्रार्थना स्थल के अवशेषों वाली करीब 6,000 गुफाएं भी मौजूद हैं।
15वीं शताब्दी की इस मस्ज़िद के सिर्फ एक नहीं बल्कि तीन टुकड़े हुए। इनमें से दो को पहले ही शिफ्ट किया जा चुका है जिनका वज़न करीब 4,600 टन था। बता दें, कि साल 2017 में ही इस मस्ज़िद के लिए नई सुरक्षित जगह बनाई गई, जहां अब इसे 3 हिस्सों में पहुंचा दिया गया है।वहीं, इसका गुंबद आकार का Zeynel Bey Shrine नाम का हिस्सा पहले ही नई जगह पहुंचा दिया गया था।
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