
चीन की ओर से मालदीव की संप्रभुता के समर्थन को लेकर दिए गए बयान के कुछ दिन बाद ही मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू की ओर से चिढ़ाने वाला बयान सामने आया है। रविवार को मुइज्जू ने तुर्किए से खरीदे ड्रोन को मालदीव सेना में शामिल कराने के दौरान अपने भाषण में कुछ ऐसी बातें कहीं जो भारत के लिए असहज करने वाला है। मुइज्जू ने कहा कि मालदीव कोई छोटा देश नहीं है और अपनी निगरानी करने में सक्षम है। उन्होंने आगे कहा कि मालदीव एक संप्रभु देश है और उसकी निगरानी के लिए किसी बाहरी पक्ष को परेशान होने की जरूरत नहीं। मुइज्जू ने ये भी कहा कि उनके इस कदम से दोस्ताना संबंधों वाले किसी देश के लिए कोई दिक्कत की बात नहीं। इस भाषण में मुइज्जू ने अपनी सेनाओं की क्षमताओं को बढ़ाने को लेकर भी बात कही।
चीन की सह पर भारत विरोधी बातें कर रहे हैं मुइज्जू – उनका बयान ऐसे समय पर आया है, जब कुछ दिन पहले ही चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा था कि मालदीव की संप्रभुता की रक्षा करने में चीन उसके रुख का समर्थन करता है। चीन की ओर से दिए गए इस बयान का अप्रत्यक्ष तौर पर निशाना भारत ही था क्योंकि राष्ट्रपति की कुर्सी पर बैठने के बाद से ही मुइज्जू भारत विरोधी और चीन परस्ती के संकेत देते आ रहे हैं। चीन मामलों पर नजर रखने वाले अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार हर्ष वी. पंत कहते हैं, ‘इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि मुइज्जू ऐसे बयान दे रहे हैं क्योंकि उनका उभार ही एंटी-इंडिया पोजिशनिंग को लेकर हुआ है।
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